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Sonebhadra: कोरोना में जब बंद थे कोर्ट तो जालसाजों ने किया यह कारनामा, सच्चाई सामने आने पर मजिस्ट्रेट भी हैरान

Fri, 28 Apr 2023 10:20 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनभद्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनभद्र Published by: किरन रौतेला Updated Fri, 28 Apr 2023 10:20 AM IST
सार

सोनभद्र में पुलिस को दी तहरीर में फौजदारी लिपिक ने बताया कि कुछ माह पहले परिवहन विभाग में फर्जी रिलीज आर्डर से गिट्टी-बालू लदे वाहनों को छुड़ाने का मामला उजागर हुआ था। इसकी जांच हुई तो विभाग के कुछ कर्मचारियों-अधिकारियों की मिलीभगत भी सामने आई।

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the fraudsters rescued 297 seized vehicles from different police stations of Sonbhadra during corona period
थाने में खड़े दोपहिया वाहन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना महामारी के दौरान हर कोई खुद को महफूज करने में जुटा था। कोर्ट-कचहरी भी बंद थे। ऐसे वक्त में जालसाजों के गिरोह का ऐसा कारनामा सामने आया है कि अब हर कोई सकते में है। कोर्ट के फर्जी आदेश और कूटरचित रसीद बनाकर जालसाजों ने जिले के विभिन्न थानों में बंद सैकडों वाहनों को छुड़ा लिया। सार्वजनिक अवकाश और जज के छूट्टी पर रहने वाली तिथियों में भी जाली रसीद और आदेश तैयार किए गए। अब दस्तावेजों के सत्यपन में इसकी पोल खुली है तो मजिस्ट्रेट भी हैरान हैं। फिलहाल इस तरह से 297 वाहन छुड़ाए जाने की पुष्टि हुई है। इस मामले में सीजेएम के आदेश पर अज्ञात वाहन स्वामियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज होने के बाद खलबली मच गई है। परिवहन विभाग के भी कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की इसमें संलिप्तता का शक है। पुलिस की जांच में इन चेहरों के बेनकाब होने की आशंका है।

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यह भी पढ़ें- Sonebhadra News: दलों से कम नहीं निर्दलीय, निकायों में रचा है इतिहास

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मामला यूपी के सोनभद्र ज़िले से जुड़ा हुआ है। पुलिस को दी तहरीर में फौजदारी लिपिक ने बताया कि कुछ माह पहले परिवहन विभाग में फर्जी रिलीज आर्डर से गिट्टी-बालू लदे वाहनों को छुड़ाने का मामला उजागर हुआ था। इसकी जांच हुई तो विभाग के कुछ कर्मचारियों-अधिकारियों की मिलीभगत भी सामने आई। इसके बाद सदर कोतवाली, चोपन, म्योरपुर, हाथीनाला, विंढमगंज सहित जिले के विभिन्न थानों में केस दर्ज कराया गया था। जांचकर्ता तत्कालीन एआरटीओ मिर्जापुर की ओर से 30 अगस्त 2022 को सीजेएम कोर्ट को कुल 629 मोटर व्हीकल एक्ट के वादों की सूची प्राप्त कराई गई।


यह बताया कि इन प्रकरणों में एक अगस्त 2021 से 31 जुलाई 2022 तक सीएजेएम कोर्ट में आदेश जारी हुआ है। इसी की रसीद एआरटीओ कार्यालय में प्राप्त कराई गई हैं। जब न्यायालय के दस्तावेज से मिलान किया गया तो 304 प्रकरणों की रसीद में त्रुटियां मिली। इसमें भी सात रसीदों की त्रुटियां मानवीय भूल वाली थी, जबकि अन्य रसीद स्पष्ट रूप से कूटरचित तरीके से तैयार किए होने की पुष्टि हुई। अधिकांश रसीदें उन तिथियों पर जारी हुई हैं, जिस तिथि पर न्यायालय में सार्वजनिक अवकाश था या कोविड महामारी के कारण न्यायालय बंद था। सदर कोतवाल मनोज सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर संबंधित वाहन मालिकों के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है।

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