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Sonebhadra News: अंबिकापुर-रेणुकूट रेल लाइन के लिए सरगुजा सांसद ने उठाई मांग
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जिले के रेणुकूट से छतीसगढ़ के अंबिकापुर तक नई रेल लाइन बिछाने की मांग फिर जोर पकड़ रही हैं। नई रेल लाइन बिछाए जाने के लिए छत्तीसगढ़ के सरगुजा से सांसद चिंतामणि महाराज ने रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव को ज्ञापन सौंप कर मांग की है।
बताया कि इस नई रेल लाइन के बनने से कोयला परिवहन तो सुगम होगा ही धार्मिक स्थल पूरी से प्रयागराज की दूरी भी कम होगी। गत 20 मार्च को रेलमंत्री को ज्ञापन सौंपकर सरगुजा सांसद ने बताया कि अंबिकापुर-रेणुकूट के बीच नई रेल लाइन बिछने से सरगुजा संभाग के लोग कम दूरी व समय में सीधे बनारस व दिल्ली से जुड़ पाएंगे।
अनेक जनजातीय कलाकृतियां, वनोपज एवं स्थानीय उत्पादों को एक बड़ा बाजार उपलब्ध हो सकेगा। इसके साथ ही श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या, काशी विश्वनाथ कारीडोर, जगन्नाथपुरी से जुड़कर एक विशाल धार्मिक व सांस्कृतिक पर्यटन के अवसर का सृजन करेंगे।
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बताया कि पूरी को प्रयागराज से जोड़ने की उड़ीसा सरकार की मांग बहुत पुरानी है, जो इस मार्ग से फलीभूत होगी। इसके साथ ही यह प्रस्तावित रेलमार्ग अन्य वैकल्पिक मार्गों की तुलना में कम लागत वाला और अपेक्षाकृत अधिक उपयोगी होगा। जनपद सोनभद्र के जनप्रतिनिधि भी पूर्व में रेलमंत्री को ज्ञापन देकर इस रेल लाइन पर काम शुरू करने की मांग कर चुके हैं।
रेलवे बोर्ड को सौंपी जा चुकी है डीपीआर
अंबिकापुर से रेणुकूट रेल लाइन परियोजना की लंबाई करीब 144 किमी है। इसमें 12 नए स्टेशन प्रस्तावित हैं। रेल लाइन का फाइनल लोकेशन सर्वे पूरा हो चुका है और डीपीआर रेलवे बोर्ड को सौंपी जा चुकी है। यह रेल लाइन अन्य प्रस्तावित लाइन अंबिकापुर-बरवाडीह की तुलना में कम दूरी और लागत के कारण अधिक व्यावहारिक है। इस रेल लाइन को स्वीकृति दिलाने के लिए छत्तीसगढ़ विधानसभा में सर्वसम्मति से पूर्व में प्रस्ताव पारित भी किया जा चुका है।
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बताया कि इस नई रेल लाइन के बनने से कोयला परिवहन तो सुगम होगा ही धार्मिक स्थल पूरी से प्रयागराज की दूरी भी कम होगी। गत 20 मार्च को रेलमंत्री को ज्ञापन सौंपकर सरगुजा सांसद ने बताया कि अंबिकापुर-रेणुकूट के बीच नई रेल लाइन बिछने से सरगुजा संभाग के लोग कम दूरी व समय में सीधे बनारस व दिल्ली से जुड़ पाएंगे।
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अनेक जनजातीय कलाकृतियां, वनोपज एवं स्थानीय उत्पादों को एक बड़ा बाजार उपलब्ध हो सकेगा। इसके साथ ही श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या, काशी विश्वनाथ कारीडोर, जगन्नाथपुरी से जुड़कर एक विशाल धार्मिक व सांस्कृतिक पर्यटन के अवसर का सृजन करेंगे।
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बताया कि पूरी को प्रयागराज से जोड़ने की उड़ीसा सरकार की मांग बहुत पुरानी है, जो इस मार्ग से फलीभूत होगी। इसके साथ ही यह प्रस्तावित रेलमार्ग अन्य वैकल्पिक मार्गों की तुलना में कम लागत वाला और अपेक्षाकृत अधिक उपयोगी होगा। जनपद सोनभद्र के जनप्रतिनिधि भी पूर्व में रेलमंत्री को ज्ञापन देकर इस रेल लाइन पर काम शुरू करने की मांग कर चुके हैं।
रेलवे बोर्ड को सौंपी जा चुकी है डीपीआर
अंबिकापुर से रेणुकूट रेल लाइन परियोजना की लंबाई करीब 144 किमी है। इसमें 12 नए स्टेशन प्रस्तावित हैं। रेल लाइन का फाइनल लोकेशन सर्वे पूरा हो चुका है और डीपीआर रेलवे बोर्ड को सौंपी जा चुकी है। यह रेल लाइन अन्य प्रस्तावित लाइन अंबिकापुर-बरवाडीह की तुलना में कम दूरी और लागत के कारण अधिक व्यावहारिक है। इस रेल लाइन को स्वीकृति दिलाने के लिए छत्तीसगढ़ विधानसभा में सर्वसम्मति से पूर्व में प्रस्ताव पारित भी किया जा चुका है।