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Sonebhadra News: घोरावल आईटीआई में आधुनिक कार्यशाला में तकनीक सीखेंगे विद्यार्थी
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युवाओं का कौशल निखारने के लिए टाटा की पहल का लाभ सोनभद्र के भी राजकीय आईटीआई के छात्रों को मिलेगा। टाटा कंपनी ने जिन 62 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को अपग्रेड करने का करार किया है, उसमें जिले का राजकीय आईटीआई घोरावल भी शामिल है।
टाटा कम्पनी यहां के विद्यार्थियों को इलेक्ट्रिक वाहन, 3डी प्रिंटिंग, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स एंड डिजिटल मैनुफेक्चरिंग टेक्निक, एडवांस टूल, कैम प्रोग्रामर जैसे आधुनिक ट्रेड में प्रशिक्षण प्राप्त करने का मौका देगी।
जिले में रॉबर्ट्सगंज, दुद्धी, घोरावल और बीजपुर के नकटू में चार राजकीय आईटीआई संचालित है। इसमें से टाटा ने घोरावल आआईटीआई को चुना है। पूरे विंध्याचल मंडल से यह एकमात्र औद्योगिक संस्थान है। करार के मुताबिक यहां आधुनिक प्रशिक्षण कार्यशाला का निर्माण किया जाएगा।
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टाटा टेक्नालॉजी के सहयोग से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। दो वर्षीय प्रशिक्षण में रोबोटिक्स, 6 एक्सिस सीएनसी मशीन, इलेक्ट्रिकल व्हीकल्स के निर्माण का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहां प्रशिक्षण लेने वाले प्रशिक्षु विश्व स्तरीय कंपनियों की वर्तमान मांग के अनुसार तैयार होंगे और उन्हें प्लेसमेंट भी मिलेगा।
राजकीय आईटीआई दुद्धी के प्रधानाचार्य व जिले के नोडल रविंद्र सिंह पटेल ने बताया कि टाटा की ओर से कार्यशाला का निर्माण किया जाएगा। इसमें प्रशिक्षुओं के लिए रोबोटिक्स इंजीनियरिंग का पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा।
रोबोट के डिजाइन, निर्माण और उसे काम में लेना सिखाया जाएगा। रोबोटिक्स इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम का उद्देश्य ऐसे रोबोट को डिजाइन करना होगा जो मनुष्यों की कार्य में सहायता कर सकें। छह एक्सिस सीएनसी (कंप्यूटर न्यूमेरिकल कंट्रोल) मशीन के निर्माण का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस मशीन का उपयोग औद्योगिक क्षेत्रों के साथ प्लास्टिक, एल्यूमिनयम, लकड़ी, तांबा सहित कई अन्य पदार्थों से बने सामानों को बनाने के काम किया जाता है। कार्यशाला में एक सत्र में प्रशिक्षुओं को छह वृहद पाठयक्रम का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसकी अवधि दो वर्ष होगी।
इसके साथ ही लघु पाठ्यक्रम का भी प्रशिक्षण शामिल रहेगा। कार्यशाला के लिए लखनऊ में अनुदेशक व फोरमैन को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा एक वर्ष तक टाटा का प्रशिक्षक रहेगा, जो यहां प्रशिक्षण देने का कार्य करेगा।
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टाटा कम्पनी यहां के विद्यार्थियों को इलेक्ट्रिक वाहन, 3डी प्रिंटिंग, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स एंड डिजिटल मैनुफेक्चरिंग टेक्निक, एडवांस टूल, कैम प्रोग्रामर जैसे आधुनिक ट्रेड में प्रशिक्षण प्राप्त करने का मौका देगी।
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जिले में रॉबर्ट्सगंज, दुद्धी, घोरावल और बीजपुर के नकटू में चार राजकीय आईटीआई संचालित है। इसमें से टाटा ने घोरावल आआईटीआई को चुना है। पूरे विंध्याचल मंडल से यह एकमात्र औद्योगिक संस्थान है। करार के मुताबिक यहां आधुनिक प्रशिक्षण कार्यशाला का निर्माण किया जाएगा।
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टाटा टेक्नालॉजी के सहयोग से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। दो वर्षीय प्रशिक्षण में रोबोटिक्स, 6 एक्सिस सीएनसी मशीन, इलेक्ट्रिकल व्हीकल्स के निर्माण का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहां प्रशिक्षण लेने वाले प्रशिक्षु विश्व स्तरीय कंपनियों की वर्तमान मांग के अनुसार तैयार होंगे और उन्हें प्लेसमेंट भी मिलेगा।
राजकीय आईटीआई दुद्धी के प्रधानाचार्य व जिले के नोडल रविंद्र सिंह पटेल ने बताया कि टाटा की ओर से कार्यशाला का निर्माण किया जाएगा। इसमें प्रशिक्षुओं के लिए रोबोटिक्स इंजीनियरिंग का पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा।
रोबोट के डिजाइन, निर्माण और उसे काम में लेना सिखाया जाएगा। रोबोटिक्स इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम का उद्देश्य ऐसे रोबोट को डिजाइन करना होगा जो मनुष्यों की कार्य में सहायता कर सकें। छह एक्सिस सीएनसी (कंप्यूटर न्यूमेरिकल कंट्रोल) मशीन के निर्माण का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस मशीन का उपयोग औद्योगिक क्षेत्रों के साथ प्लास्टिक, एल्यूमिनयम, लकड़ी, तांबा सहित कई अन्य पदार्थों से बने सामानों को बनाने के काम किया जाता है। कार्यशाला में एक सत्र में प्रशिक्षुओं को छह वृहद पाठयक्रम का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसकी अवधि दो वर्ष होगी।
इसके साथ ही लघु पाठ्यक्रम का भी प्रशिक्षण शामिल रहेगा। कार्यशाला के लिए लखनऊ में अनुदेशक व फोरमैन को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा एक वर्ष तक टाटा का प्रशिक्षक रहेगा, जो यहां प्रशिक्षण देने का कार्य करेगा।