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सामुदायिक भवन में ताला जड़ृने से पठन-पाठन ठप
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शक्तिनगर। रोजगार की मांग को लेकर विस्थापितों की ओर से सामुदायिक भवन घरसड़ी में ताला जड़ देने के कारण शुक्रवार को स्कूली बच्चों का पठन-पाठन ठप हो गया। कुछ बच्चे लौट गए, जबकि कुछ को बाहर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ी। मिड-डे-मील संचालन भी प्रभावित हो गया। इससे अभिभावकों में रोष देखा गया। परिसर में प्राथमिक विद्यालय के बच्चे पढ़ते हैं।
प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाचार्य रजनी श्रीवास्तव के मुताबिक विद्यालय का भवन जर्जर होने के कारण कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को सामुदायिक भवन घरसड़ी में पढ़ाया जाता है। शुक्रवार को 36 बच्चे पढ़ने आए थे, लेकिन सामुदायिक भवन में ताला बंद होने की वजह से 12 से अधिक बच्चे वापस लौट गए। शेष बच्चों ने सामुदायिक भवन के बाहर बैठ कर पढ़ाई की। पढ़ाई न होने से मिड-डे-मील व्यवस्था भी प्रभावित रही, जिससे छात्र-छात्राओं को परेशानी हुई। घरसड़ी प्राथमिक विद्यालय भवन अति जर्जर हालत में होने की वजह से एनसीएल कृष्णशिला परियोजना की ओर से बनवाया गए घरसड़ी सामुदायिक भवन में दो वर्ष पूर्व से बच्चों की पढ़ाई चल रही थी, लेकिन बृहस्पतिवार को विस्थापितों ने ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन करते हुए रोजगार की मांग पर अड़ गए। प्रदर्शनकारियों की अगुवाई कर रहे विस्थापित नेता संतोष दुबे ने कहा कि जब तक रोजगार नहीं मिल जाता, ताला बंद रहेगा। उधर सामुदायिक भवन में ताला बंद करने की सूचना पर मौके पर पंहुची बीना पुलिस ने विस्थापितों एवं एनसीएल प्रबंधन के बीच वार्ता के लिए प्रयास किया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक वार्ता नहीं हो पाई थी। इस दौरान मुख्य रूप से राम रक्षा, लाल साहब दुबे, मनोज शर्मा, अखिलेश दुबे, रामेश्वर आदि मौजूद रहे।
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प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाचार्य रजनी श्रीवास्तव के मुताबिक विद्यालय का भवन जर्जर होने के कारण कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को सामुदायिक भवन घरसड़ी में पढ़ाया जाता है। शुक्रवार को 36 बच्चे पढ़ने आए थे, लेकिन सामुदायिक भवन में ताला बंद होने की वजह से 12 से अधिक बच्चे वापस लौट गए। शेष बच्चों ने सामुदायिक भवन के बाहर बैठ कर पढ़ाई की। पढ़ाई न होने से मिड-डे-मील व्यवस्था भी प्रभावित रही, जिससे छात्र-छात्राओं को परेशानी हुई। घरसड़ी प्राथमिक विद्यालय भवन अति जर्जर हालत में होने की वजह से एनसीएल कृष्णशिला परियोजना की ओर से बनवाया गए घरसड़ी सामुदायिक भवन में दो वर्ष पूर्व से बच्चों की पढ़ाई चल रही थी, लेकिन बृहस्पतिवार को विस्थापितों ने ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन करते हुए रोजगार की मांग पर अड़ गए। प्रदर्शनकारियों की अगुवाई कर रहे विस्थापित नेता संतोष दुबे ने कहा कि जब तक रोजगार नहीं मिल जाता, ताला बंद रहेगा। उधर सामुदायिक भवन में ताला बंद करने की सूचना पर मौके पर पंहुची बीना पुलिस ने विस्थापितों एवं एनसीएल प्रबंधन के बीच वार्ता के लिए प्रयास किया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक वार्ता नहीं हो पाई थी। इस दौरान मुख्य रूप से राम रक्षा, लाल साहब दुबे, मनोज शर्मा, अखिलेश दुबे, रामेश्वर आदि मौजूद रहे।
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