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एनसीएल के निदेशक बने एसएस सिन्हा
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शक्तिनगर। शनिवार को सुब्रत शेखर सिन्हा ने भारत सरकार की मिनी रत्न कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के निदेशक (तकनीकी) का पदभार संभाल लिया। श्री सिन्हा को कोयला उद्योग में लगभग 37 वर्षों का अनुभव है।
निदेशक श्री सिन्हा एनसीएल परिवार में शामिल होने से पहले कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी एसईसीएल में महाप्रबंधक के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने आईआईटी बीएचयू से 1983 में बी. टेक की शिक्षा प्राप्त की व उसके बाद कोल इंडिया में अपने कैरियर की शुरुआत किया। खनन क्षेत्र में खुली व भूमिगत दोनों खदानों में दक्षता रखने वाले श्री सिन्हा ने कोल इंडिया मुख्यालय व उसकी अनुषंगी कंपनीयों में अपनी सेवाएं दी हैं । एसईसीएल में उन्होंने एरिया महाप्रबंधक से सीएमडी के तकनीकी सचिव तक की भूमिका का निर्वाह किया। एसईसीएल की खुली व भूमिगत खदानों में उन्होंने उत्पादन व उत्पादकता के कई कीर्तिमान स्थापित करने में अपना बहूमूल्य योगदान दिया। उन्होने एसईसीएल की एक भूमिगत खदान में देश में शॉर्टवाल माइनिंग मेथड को पहली बार सफलतापूर्वक नियोजित करने में अहम भूमिका निभाई।
उत्पादन व मशीन खरीदी में महारत
शक्तिनगर। एसएस सिन्हा कोल इंडिया मुख्यालय में भी विभिन्न पदों पर पदस्थ रहे व उत्पादन जैसे प्रमुख विभाग के विभागाध्यक्ष रहे । उन्होंने बड़ी मशीनों की खरीद में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई व ईआरपी के क्रियान्वयन में अहम योगदान दिया। कार्यकाल के दौरान उन्होंने ऑस्ट्रेलिया का दौरा कर खनन क्षेत्र से जुड़े प्रशिक्षण व कोन्फ्रेंस में भाग लिया। साल 2009 में अमेरिका गए और व्हरटन बिजनिस स्कूल पेनसलवेनिया के एक प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। कोयला खनन क्षेत्र में उनके अद्वितीय योगदान के लिए उनको कई पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है।
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निदेशक श्री सिन्हा एनसीएल परिवार में शामिल होने से पहले कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी एसईसीएल में महाप्रबंधक के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने आईआईटी बीएचयू से 1983 में बी. टेक की शिक्षा प्राप्त की व उसके बाद कोल इंडिया में अपने कैरियर की शुरुआत किया। खनन क्षेत्र में खुली व भूमिगत दोनों खदानों में दक्षता रखने वाले श्री सिन्हा ने कोल इंडिया मुख्यालय व उसकी अनुषंगी कंपनीयों में अपनी सेवाएं दी हैं । एसईसीएल में उन्होंने एरिया महाप्रबंधक से सीएमडी के तकनीकी सचिव तक की भूमिका का निर्वाह किया। एसईसीएल की खुली व भूमिगत खदानों में उन्होंने उत्पादन व उत्पादकता के कई कीर्तिमान स्थापित करने में अपना बहूमूल्य योगदान दिया। उन्होने एसईसीएल की एक भूमिगत खदान में देश में शॉर्टवाल माइनिंग मेथड को पहली बार सफलतापूर्वक नियोजित करने में अहम भूमिका निभाई।
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उत्पादन व मशीन खरीदी में महारत
शक्तिनगर। एसएस सिन्हा कोल इंडिया मुख्यालय में भी विभिन्न पदों पर पदस्थ रहे व उत्पादन जैसे प्रमुख विभाग के विभागाध्यक्ष रहे । उन्होंने बड़ी मशीनों की खरीद में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई व ईआरपी के क्रियान्वयन में अहम योगदान दिया। कार्यकाल के दौरान उन्होंने ऑस्ट्रेलिया का दौरा कर खनन क्षेत्र से जुड़े प्रशिक्षण व कोन्फ्रेंस में भाग लिया। साल 2009 में अमेरिका गए और व्हरटन बिजनिस स्कूल पेनसलवेनिया के एक प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। कोयला खनन क्षेत्र में उनके अद्वितीय योगदान के लिए उनको कई पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है।
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