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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   Sonbhadra: Toilets made on paper, incomplete visible on the ground, the amount of both installments received, still not usable

सोनभद्रः कागज पर बन गए शौचालय, धरातल पर दिख रहे अधूरे, दोनों किस्त की मिली धनराशि, फिर भी इस्तेमाल लायक नहीं

Sun, 26 Sep 2021 11:35 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 26 Sep 2021 11:35 PM IST
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Sonbhadra: Toilets made on paper, incomplete visible on the ground, the amount of both installments received, still not usable
कोन क्षेत्र में अधूरा पड़ा शौचालय। - फोटो : SONBHADRA
सोनभद्र जिले के ग्रामीण इलाकों में खुले में शौच मुक्त गांव व स्वच्छता अभियान माखौल बन कर रहा गया है। कागज में पूर्ण दिखाए गए शौचालय धरातल पर अधूरे हैं। दोनों किस्त की धनराशि जारी होने के बाद भी शौचालय का निर्माण अधूरा है और इस्तेमाल लायक नहीं है। यह हकीकत है नगवां ब्लॉक के सुदूर गांवों की। इसी तरह की स्थिति कोन सहित अन्य ब्लॉकों की भी है।
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स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजना के तहत वर्ष 2014 से 2018 के बीच नगवां ब्लॉक में कुल 17,142 शौचालय ग्राम पंचायतों में आवंटित हुआ। जिनका निर्माण कागजों पर कर दिया गया है। 52 ग्राम पंचायतों को शासन की मंशा के अनुरूप ओडीएफ भी घोषित कर दिया गया है लेकिन मौके पर देखा जाए तो आवंटित शौचालय में से महज आठ से नौ हजार शौचालय ही धरातल पर दिखाई देंगे। इसमें भी आधे से ज्यादा बने शौचालय इस्तेमाल लायक नहीं है। गांवों में बने अधिकांश शौचालय लकड़ी, उपली व अन्य सामान रखने के काम में लिया जा रहा है। नगवां ब्लॉक के ग्राम पंचायत कजियारी में 345 शौचालय बनने थे, कागज पर सभी शौचालय पूर्ण हैं लेकिन मौके पर महज सवा सौ शौचालय ही है। यहां बना एक भी शौचालय इस्तेमाल नहीं हो रहा है। सरायगढ़ ग्राम पंचायत में 1056 शौचालय था।
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ग्राम पंचायत को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है लेकिन गांव में चार या पांच सौ शौचालय ही बने हैं। जो बने हैं उसमें भी कहीं लकड़ी रखा है तो किसी ने खाना बनने के लिए उपली रख दिया है। ग्राम पंचायत बनबहुआर में 435 शौचालय बनाया जाना था लेकिन यहां 225 ही शौचालय बने हैं। उपयोग में महज 30 से 40 शौचालय हैं। कुछ शौचालय आधे अधूरे हैं तो कुछ का फाउंडेशन ही खड़ा कर छोड़ दिया गया है। कुछ शौचालयों का गड्ढा ही नहीं बना है। यहीं हाल कम्हरिया ग्राम पंचायत का है। इसी प्रकार से ग्राम पंचायत आमडीह में शौचालय निर्माण में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती गई है। शौचालय इस्तेमाल लायक न होने से ग्रामीण खुले में शौच करने को विवश हैं।
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बोले अधिकारी
जिन शौचालय कों का निर्माण कराए बगैर पैसा निकाल लिया गया है। संबंधित व्यक्ति से उसकी रिकवरी कराई जाएगी। शौचालय का इस्तेमाल करने के लिए लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है। - अनिल कुमार केशरी, जिला कार्यक्रम समन्वयक।
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