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सोनभद्रः दुष्कर्मी को कोर्ट ने सुनाई दस साल की कैद, 25 हजार का अर्थदंड
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सोनभद्र के शाहगंज थाना क्षेत्र में चार वर्ष पूर्व महिला के साथ दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर 3 निहारिका चौहान की अदालत ने दोषी को दस वर्ष के कैद की सजा सुनाई है। उस पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को मिलेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक चंदौली जिले के चकरघट्टा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के पति ने 23 नवंबर 2017 को शाहगंज थाने में तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी अपने भाई के ससुराल गई थी। वहां 19 नवंबर को उसके भाभी के भाई छबिंदर ने दुष्कर्म किया। इसकी सूचना पत्नी ने मोबाइल पर उसे दी तो वह मौके पर पहुंचा। तहरीर पर केस दर्ज करते हुए पुलिस ने विवेचना के बाद न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया।
अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुना। गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन के बाद दोषसिद्ध पाकर छबिंदर को दस साल की कैद व 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी। वहीं अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने बहस की।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक चंदौली जिले के चकरघट्टा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के पति ने 23 नवंबर 2017 को शाहगंज थाने में तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी अपने भाई के ससुराल गई थी। वहां 19 नवंबर को उसके भाभी के भाई छबिंदर ने दुष्कर्म किया। इसकी सूचना पत्नी ने मोबाइल पर उसे दी तो वह मौके पर पहुंचा। तहरीर पर केस दर्ज करते हुए पुलिस ने विवेचना के बाद न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया।
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अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुना। गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन के बाद दोषसिद्ध पाकर छबिंदर को दस साल की कैद व 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी। वहीं अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने बहस की।
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