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सोनभद्रः तीन सौ परिषदीय विद्यालय बनाए जाएंगे मॉडल
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सोनभद्र। प्रदेश सरकार हर वर्ग एवं तबके के बच्चों को शिक्षित करने के लिए बेसिक शिक्षा के माध्यम से करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। निजी स्कूलों की तर्ज पर प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों को मॉडल बनाया जाएगा। लेकिन प्रथम चरण में जिले के परिषदीय 2458 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में से 300 स्कूलों को मॉडल स्कूल में बदला जाएगा।
स्कूल में अध्यनरत बच्चों को निशुल्क किताबें, बैग, ड्रेस, स्वेटर, जूते मोजे के अलावा एमडीएम के तहत भोजन दिया जाता है। बच्चों के बैठने के लिए कुर्सी, मेज है। पौधा रोपण भी किया जा रहा है, जिससे वातावरण स्वच्छ रहे। हालांकि मार्च 2021 से कोरोना की दूसरी लहर शुरू होने के बाद से स्कूल बंद चल रहे हैं। लेकिन वर्तमान में कोरोना का असर काफी हद तक कम हो गया है। इसको देखते हुए शासन और जिला प्रशासन की ओर से शिक्षा विभाग को अभी तक जिन परिषदीय स्कूलों में पेंटिग अदि का कार्य नहीं कराया गया वहां कराने का निर्देश दिया गया है। निजी स्कूलों के तर्ज पर परिषदीय स्कूलों में अध्यनरत बच्चों को पठन-पाठन मुहैया कराने को कहा गया है। उक्त निर्देश के क्रम मेें जनपद में स्थित प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों को अब मॉडल स्कूल में तब्दील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार जिले के 1804 प्राथमिक व 654 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में से प्रथम चरण में 300 विद्यालयों को मॉडल स्कूल में बदला जाएगा। चयनित कई स्कूलों में स्मार्ट क्लास आदि बनाने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है।
जिले में है 2458 विद्यालय
सोनभद्र। बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय स्कूलों में अध्यनरत बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा मुहैया कराने की दिशा में पहल तेज कर दी है। हालांकि अभी कोरोना संक्रमण के चलते पठन पाठन ठप है। राबट्र्सगंज, घोरावल, ओबरा और दुद्वी तहसील क्षेत्र में बेसिक शिक्षा परिषद विभाग के द्वारा संचालित 1804 परिषदीय प्राथमिक विद्यालय और 658 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। उक्त स्कूलों में करीब दो लाख 64000 हजार बच्चे अध्यनरत हैं।
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निजी स्कूलों की तर्ज पर प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों को मॉडल बनाया जा रहा है। प्रथम चरण में जिले के परिषदीय 2458 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में से 300 स्कूलों को मॉडल स्कूल में बदला जाएगा। कई स्कूलों में स्मार्ट क्लास बनाने आदि का कार्य शुरू भी कर दिया गया है।
डॉ. गोरखनाथ पटेल, बेसिक शिक्षाधिकारी सोनभद्र।
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स्कूल में अध्यनरत बच्चों को निशुल्क किताबें, बैग, ड्रेस, स्वेटर, जूते मोजे के अलावा एमडीएम के तहत भोजन दिया जाता है। बच्चों के बैठने के लिए कुर्सी, मेज है। पौधा रोपण भी किया जा रहा है, जिससे वातावरण स्वच्छ रहे। हालांकि मार्च 2021 से कोरोना की दूसरी लहर शुरू होने के बाद से स्कूल बंद चल रहे हैं। लेकिन वर्तमान में कोरोना का असर काफी हद तक कम हो गया है। इसको देखते हुए शासन और जिला प्रशासन की ओर से शिक्षा विभाग को अभी तक जिन परिषदीय स्कूलों में पेंटिग अदि का कार्य नहीं कराया गया वहां कराने का निर्देश दिया गया है। निजी स्कूलों के तर्ज पर परिषदीय स्कूलों में अध्यनरत बच्चों को पठन-पाठन मुहैया कराने को कहा गया है। उक्त निर्देश के क्रम मेें जनपद में स्थित प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों को अब मॉडल स्कूल में तब्दील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार जिले के 1804 प्राथमिक व 654 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में से प्रथम चरण में 300 विद्यालयों को मॉडल स्कूल में बदला जाएगा। चयनित कई स्कूलों में स्मार्ट क्लास आदि बनाने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है।
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जिले में है 2458 विद्यालय
सोनभद्र। बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय स्कूलों में अध्यनरत बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा मुहैया कराने की दिशा में पहल तेज कर दी है। हालांकि अभी कोरोना संक्रमण के चलते पठन पाठन ठप है। राबट्र्सगंज, घोरावल, ओबरा और दुद्वी तहसील क्षेत्र में बेसिक शिक्षा परिषद विभाग के द्वारा संचालित 1804 परिषदीय प्राथमिक विद्यालय और 658 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। उक्त स्कूलों में करीब दो लाख 64000 हजार बच्चे अध्यनरत हैं।
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निजी स्कूलों की तर्ज पर प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों को मॉडल बनाया जा रहा है। प्रथम चरण में जिले के परिषदीय 2458 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में से 300 स्कूलों को मॉडल स्कूल में बदला जाएगा। कई स्कूलों में स्मार्ट क्लास बनाने आदि का कार्य शुरू भी कर दिया गया है।
डॉ. गोरखनाथ पटेल, बेसिक शिक्षाधिकारी सोनभद्र।