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सोनभद्र: एडीजे-प्रथम कोर्ट से पत्रावली गायब, प्रस्तुतकार पर केस
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-प्रथम की कोर्ट से एक मुकदमे की पत्रावली गायब हो गई है। प्रशासनिक अधिकारी की जांच में इस तथ्य के खुलासे के बाद एडीजे के रीडर डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि तत्कालीन प्रस्तुतकार संपूर्णानंद मिश्र ने अनुचित लाभ के लिए पत्रावली गायब की है।
पुलिस के मुताबिक वादी डॉ. अनुराग श्रीवास्तव रीडर ने अपनी तहरीर में लिखा है कि प्रशासनिक अधिकारी कौशल कुमार अस्थाना की आख्यानुसार संपूर्णानंद मिश्र 22 दिसंबर 2016 से 26 अप्रैल 2018 तक अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-प्रथम के न्यायालय में प्रस्तुतकार के पद पर कार्यरत रहे। इसी दौरान न्यायालय में विचाराधीन पन्नूगंज थाना क्षेत्र से संबंधित नाबालिग के अपहरण, दुष्कर्म व एससी-एसटी एक्ट की पत्रावली गायब हो गई। इसमें पीड़िता का मजिस्ट्रेट के समक्ष अंकित बयान भी था। यह पत्रावली संपूर्णानंद मिश्र की अभिरक्षा में था। अनुचित लाभ लेने के लिए उन्होंने इसे गायब कर दिया है। विवेचक कांशीराम चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार ने बताया कि रीडर की तहरीर पर तत्कालीन प्रस्तुतकार संपूर्णानंद मिश्र के खिलाफ पत्रावली गायब करने के संबंध मेें केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
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पुलिस के मुताबिक वादी डॉ. अनुराग श्रीवास्तव रीडर ने अपनी तहरीर में लिखा है कि प्रशासनिक अधिकारी कौशल कुमार अस्थाना की आख्यानुसार संपूर्णानंद मिश्र 22 दिसंबर 2016 से 26 अप्रैल 2018 तक अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-प्रथम के न्यायालय में प्रस्तुतकार के पद पर कार्यरत रहे। इसी दौरान न्यायालय में विचाराधीन पन्नूगंज थाना क्षेत्र से संबंधित नाबालिग के अपहरण, दुष्कर्म व एससी-एसटी एक्ट की पत्रावली गायब हो गई। इसमें पीड़िता का मजिस्ट्रेट के समक्ष अंकित बयान भी था। यह पत्रावली संपूर्णानंद मिश्र की अभिरक्षा में था। अनुचित लाभ लेने के लिए उन्होंने इसे गायब कर दिया है। विवेचक कांशीराम चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार ने बताया कि रीडर की तहरीर पर तत्कालीन प्रस्तुतकार संपूर्णानंद मिश्र के खिलाफ पत्रावली गायब करने के संबंध मेें केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
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