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कहीं पांच किमी पर पांच ब्रेकर तो कहीं पांच सौ मीटर में ही पांच

Sun, 22 May 2022 11:36 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 22 May 2022 11:36 PM IST
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Somewhere there are five breakers at five km and somewhere five within five hundred meters.
सोनभद्र। स्पीड ब्रेेकर कहां, कितने और कैसे बनेंगे, इसका मानक चाहे जो भी हो, मगर यहां सब बेमतलब है। जिसे जहां लगा वहीं दबाव देकर स्पीड ब्रेकर बनवा दिया। इसके चलते जिले की सड़कों पर इतने ब्रेकर हो गए हैं, जो स्पीड ही नहीं रोक रहे बल्कि दुर्घटनाएं भी बढ़ा रहे हैं। मानक के विपरीत बने ब्रेकर कमर दर्द भी दे रहे हैं। इन सड़कों पर नियमित यात्रा करने वाले सर्वाइकल, स्पांडलाइटिस, बैक पेन जैसी बीमारियों से ग्रसित हैं।
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हाईवे हो या ग्रामीण सड़क, हर तरफ स्पीड ब्रेकर की भरमार है। वाराणसी-शक्तिनगर हाईवे पर लोढ़ी से बिच्छी के बीच पांच किमी के दायरे में पांच से अधिक स्पीड ब्रेकर हैं। फ्लाईओवर के नीचे सर्विस लेन को भी शामिल करें तो इनकी संख्या 12 से अधिक हो जाएगी। उरमौरा से चंडी होटल तक बने सर्विस लेन पर कई स्पीड ब्रेकर इतने खतरनाक हैं कि अगर चालक ने ध्यान नहीं दिया तो वाहन जोर से उछल जाता है। इससे कई बार हादसे भी हो चुके हैं। बढ़ौली चौराहा से शीतला मंदिर और पन्नूगंज रोड पर भी मनमाने ढंग से कई स्पीड ब्रेकर बना दिए गए हैं। इन मुख्य मार्गों के अलावा नगर की गलियों में भी स्पीड ब्रेकर की भरमार है।
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पन्नूगंज रोड से जीजीआईसी होते हुए जिला पंचायत को जाने वाली करीब पांच सौ मीटर लंबी सड़क पर भी पांच ब्रेकर हैं। यही हाल ब्रह्मनगर, संस्कृत विद्यालय की गली, गुरुद्वारा रोड, अकड़हवा पोखरा, न्यू कॉलोनी सहित अन्य सड़कों का भी है। नगर से बाहर ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों पर गौर फरमाएं तो वहां स्थिति और भी बदतर है। घोरावल रोड हो या मूर्धवा मोड़ से म्योरपुर होते हुए बभनी जाने वाली सड़क। हर किमी पर ब्रेकर है। हद तो यह है कि ब्रेकर बनाने में मानकों का तनिक भी ध्यान नहीं रखा गया है। कहीं ब्रेकर जरूरत से ज्यादा ऊंचे हैं तो कहीं उनकी चौड़ाई अधिक कर दी गई है। उन पर सफेद पट्टी भी नहीं लगी है। रात में दूर से न दिखने के कारण ये ब्रेकर खतरनाक हो जाते हैं। ऊंचे ब्रेकर होने से मरीजों को अस्पताल जाते समय भी काफी कठिनाई होती है। पीडब्लूडी अवैध स्पीड ब्रेकर को जबरिया बनवाने की दलील दे रहा है। अफसरों का कहना है कि लोगों ने जोर-जबरदस्ती से इनका निर्माण कराया है।
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