दुद्धी/घोरावल/डाला। जिले में रामलीला मंचन के जरिये रामकथा के प्रसंग जीवंत हो उठे। दुद्धी में ताड़का वध, घोरावल में श्रीराम जन्म और डाला में नारद मोह की लीला का मंचन किया गया। कलाकारों के अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दुद्धी के तहसील परिसर में शुक्रवार रात मंचित ताड़का वध की लीला में भगवान श्रीराम ने ऋषि-मुनियों को राक्षसी के आतंक से मुक्ति दिलाई। ताड़का वध होते ही पंडाल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। वहीं, घोरावल के श्री रामेश्वर रामलीला मंच पर मंगलवार रात पुत्रेष्टि यज्ञ के बाद भगवान श्रीराम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न के जन्म का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। चारों राजकुमारों के जन्म पर अयोध्या में खुशियां छा गईं। उधर, डाला के श्रीरामलीला मैदान में 57 साल पुरानी रामलीला का शुक्रवार रात मुकुट पूजन के साथ शुभारंभ हुआ। नगर पंचायत अध्यक्ष फूलवंती कुमारी, कमेटी अध्यक्ष हनुमान सिंह, संरक्षक भैरो बाबा, अल्ट्राटेक सीमेंट के एडमिन हेड पीयूष शुक्ला और चौकी प्रभारी संतोष सिंह ने पूजन किया। पहले दिन बिहार के शिवपुर से आई जय बजरंग बली आदर्श रामलीला मंडली ने नारद मोह का मंचन किया। कार्यक्रम का संचालन धीरेंद्र सिंह पटेल ने किया।

म्योरपुर कस्बे में नारद मोह की लीला का मंचन करते कलाकार