बभनी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर रविवार को प्रात: कालीन अजीरेश्वर शाखा में शामिल हुए। शाखा के बाद उन्होंने स्वयंसेवकों से कहा कि हमारा समाज हाथ की पांच अंगुलियों जैसा है। उन्होंने बताया कि पांच अंगुलियों में से अंगूठा सबसे मजबूत एवं रक्षक होता है और तर्जनी समाज को दिशा बताती है। तीसरा मध्यमा बताती है कि मैं सबसे बड़ी हूं जो मैं कहूंगी वही होगा। अनामिका बताती है कि मैं धर्म का कार्य करती हूं। और कनिष्ठ बताती है की मेरे बिना मुट्ठी नहीं बंद हो सकती है, इसलिए मैं सबसे श्रेष्ठ हूं। परंतु बिना पांचों अंगुली मिले कोई काम नहीं हो सकता है और न ही मुठ्ठी बंद हो सकती है। ठीक उसी प्रकार हमारे समाज में सारी जातियां हैं सारे संप्रदाय हैं। जब तक यह अलग अलग रहेंगे तब तक खंडित शोषित आपस में बिखराव रहेगा। इसके पूर्व 30 दिसंबर को भी वह शिवाजी शाखा असनहर पर शाखा में शामिल हुए थे। शाखा में प्रतिदिन आने का मूल मंत्र देकर सह सरकार्यवाह ने खंड में निवास करने वाले विभाग जिला एवं खंड के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस मौके पर दीपनारायण सिंह, प्रवेश, उत्कर्ष, जिला प्रचारक योगेश, रामप्रकाश पांडेय, रामकुमार उपस्थित रहे। उधर, सेवा समर्पण संस्थान सेवाकुंज आश्रम कारीडांड चपकी में चल रहे 23 वें राष्ट्रीय वनवासी खेल एवं सांस्कृतिक महोत्सव में शनिवार की शाम विभिन्न राज्यों से आए छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश की। शुरुआत आरएसएस के सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत बलरामपुर की छात्राओं ने थारू गीत से किया। इसके बाद जशपुर छत्तीसगढ़ की छात्राओं ने नृत्य की प्रस्तुति दी। मेघालय के बच्चों ने हवा डांस तो चित्रकूट की बच्चियों ने म्यूजिक डांस कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गुजरात, मणिपुर, नेपाल से आये बच्चों ने अलग-अलग कार्यक्रमों पर प्रस्तुति दी। कार्यक्रम म जेसी विमल सिंह, आलोक चतुर्वेदी, रामप्रकाश पांडेय, अमरदेव, सूर्यकांत, शिव प्रसाद उपस्थित रहे।