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श्रीराम ने तोड़ा शिव धनुष
संवाददाता अमर उजाला, सोनभद्र
Updated Tue, 09 Dec 2014 10:51 PM IST
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चोपन ब्लाक के सिंदुरिया गांव में चल रही रामलीला में सोमवार को धनुष यज्ञ और सीता स्वयंवर का मंचन हुआ। श्रीराम के स्पर्श करते ही शिव धनुष खंडित हो गया। सीता ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के गले में वरमाला डाल दी।
श्रीराम के उद्घोष से समूचा वातावरण भक्तिमय हो गया। धनुष यज्ञ के प्रसंग में मिथिला नरेश राजा जनक के घोषणा के पश्चात शिव धनुष तोड़ने के लिए कई देशों के राजकुमारों स्वयंवर में पहुंचे। लेकिन धनुष को कोई हिला नहीं सका।
वहीं गुरु विश्वामित्र का आज्ञा लेकर श्रीराम ने शिव धनुष को तोड़ दिया। भगवान शिव का धनुष टूटते ही उनके परम भक्त परशुराम क्रोधित होकर स्वयंवर स्थल पर पहुंच गए।
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तत्पश्चात लक्ष्मण और परशुराम के बीच संवाद हुआ। संवाद के गंभीरता को देखते हुए भगवान श्रीराम ने मधुरता, धीरज का परिचय देते हुए परशुराम के क्रोध को शांत कराया। इसके बाद राम-सीता एक दूसरे को वर माला पहनाया।
इस मौके पर मोहित पांडेय, बब्बू पांडेय, अशोक पांडेय, राम नारायण पांडेय, शुभम पांडेय, बचाऊ पांडेय, राम जानकी पांडेय, मनीष पांडेय आदि मौजूद रहे।
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श्रीराम के उद्घोष से समूचा वातावरण भक्तिमय हो गया। धनुष यज्ञ के प्रसंग में मिथिला नरेश राजा जनक के घोषणा के पश्चात शिव धनुष तोड़ने के लिए कई देशों के राजकुमारों स्वयंवर में पहुंचे। लेकिन धनुष को कोई हिला नहीं सका।
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वहीं गुरु विश्वामित्र का आज्ञा लेकर श्रीराम ने शिव धनुष को तोड़ दिया। भगवान शिव का धनुष टूटते ही उनके परम भक्त परशुराम क्रोधित होकर स्वयंवर स्थल पर पहुंच गए।
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तत्पश्चात लक्ष्मण और परशुराम के बीच संवाद हुआ। संवाद के गंभीरता को देखते हुए भगवान श्रीराम ने मधुरता, धीरज का परिचय देते हुए परशुराम के क्रोध को शांत कराया। इसके बाद राम-सीता एक दूसरे को वर माला पहनाया।
इस मौके पर मोहित पांडेय, बब्बू पांडेय, अशोक पांडेय, राम नारायण पांडेय, शुभम पांडेय, बचाऊ पांडेय, राम जानकी पांडेय, मनीष पांडेय आदि मौजूद रहे।