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दूसरी इकाई से उत्पादन के लिए कवायद तेज
अमर उजाला ब्यूरो सोनभद्र
Updated Fri, 12 Feb 2016 10:32 PM IST
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एक हजार मेगावाट वाले अनपरा डी को उत्पादन पर लेने के लिए भेल और उत्पादन निगम प्रबंधन ने पूरी ताकत झोंक दी है। पांच सौ मेगावाट वाली दूसरी इकाई को शनिवार रात तक सिंक्रोनाइज (पहली बार उत्पादन) होने की उम्मीद जताई जा रही है।
इसके लिए भेल अधिकारियों, अभियंताओं के साथ ही उत्पादन निगम के ऊर्जा सलाहकार इं. एससी राय और अनपरा सीजीएम इं. त्रिभुवन तिवारी पूरे दिन कार्यस्थल पर डेरा डाले हुए हैं। लखनऊ और दिल्ली में बैठे अफसर भी हालात पर नजर गड़ाए रहे।
बताते चलें कि वर्ष 2008 में भेल और राज्य सरकार के बीच अनुबंध के हिसाब से वर्ष 2011 से ही परियोजना से बिजली उत्पादन का इंतजार किया जा रहा है। हालांकि निर्माण कार्य में देरी के चलते गत 31 मार्च को परियोजना की पांच सौ मेगावाट वाली पहली इकाई का लोकार्पण सीएम अखिलेश यादव के हाथों संभव हो चुका।
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उस दौरान भेल के सीएमडी ने अनपरा में सीएम के मंच से सौ दिन के भीतर पहली इकाई को कामर्शियल लोड (वाणिज्यिक उत्पादन) पर ले लेने का भरोसा दिया था, लेकिन ब्वायलर और टरबाइन में आई दिक्कत ने गत छह जून को इकाई को पूर्ण क्षमता से उत्पादन पर आने के बाद भी सारे किए-कराए पर पानी फेर दिया।
अब इस इकाई को फिर से उत्पादन पर लेने के लिए नए सिरे से ब्वायलर की ट्यूबों को बदलने का काम जारी है। उधर, परियोजना की दूसरी इकाई को सिंक्रोनाइज करने तिथि 24 जनवरी नियत की गई थी, लेकिन तकनीकी वजहों से नहीं हो सका।
भेल के अनपरा डी निर्माण प्रबंधक आरके श्रीवास्तव का कहना था कि पहली इकाई की स्थिति को देखते हुए दूसरी इकाई में पूरी तरह संभलकर कदम बढ़ाए जा रहे हैं। अब तक की सारी टेस्टिंग सफल रही है। पूरी उम्मीद है कि शनिवार रात तक इकाई को लाइटअप कर सिंक्रोनाइज कर लिया जाएगा। बता दें कि इस इकाई को फुल लोड पर लिए जाने की तिथि 22 फरवरी नियत है। निगम प्रबंधन का दावा है कि तय समय सीमा पर इकाई फुल लोड पर आ जाएगी।
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इसके लिए भेल अधिकारियों, अभियंताओं के साथ ही उत्पादन निगम के ऊर्जा सलाहकार इं. एससी राय और अनपरा सीजीएम इं. त्रिभुवन तिवारी पूरे दिन कार्यस्थल पर डेरा डाले हुए हैं। लखनऊ और दिल्ली में बैठे अफसर भी हालात पर नजर गड़ाए रहे।
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बताते चलें कि वर्ष 2008 में भेल और राज्य सरकार के बीच अनुबंध के हिसाब से वर्ष 2011 से ही परियोजना से बिजली उत्पादन का इंतजार किया जा रहा है। हालांकि निर्माण कार्य में देरी के चलते गत 31 मार्च को परियोजना की पांच सौ मेगावाट वाली पहली इकाई का लोकार्पण सीएम अखिलेश यादव के हाथों संभव हो चुका।
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उस दौरान भेल के सीएमडी ने अनपरा में सीएम के मंच से सौ दिन के भीतर पहली इकाई को कामर्शियल लोड (वाणिज्यिक उत्पादन) पर ले लेने का भरोसा दिया था, लेकिन ब्वायलर और टरबाइन में आई दिक्कत ने गत छह जून को इकाई को पूर्ण क्षमता से उत्पादन पर आने के बाद भी सारे किए-कराए पर पानी फेर दिया।
अब इस इकाई को फिर से उत्पादन पर लेने के लिए नए सिरे से ब्वायलर की ट्यूबों को बदलने का काम जारी है। उधर, परियोजना की दूसरी इकाई को सिंक्रोनाइज करने तिथि 24 जनवरी नियत की गई थी, लेकिन तकनीकी वजहों से नहीं हो सका।
भेल के अनपरा डी निर्माण प्रबंधक आरके श्रीवास्तव का कहना था कि पहली इकाई की स्थिति को देखते हुए दूसरी इकाई में पूरी तरह संभलकर कदम बढ़ाए जा रहे हैं। अब तक की सारी टेस्टिंग सफल रही है। पूरी उम्मीद है कि शनिवार रात तक इकाई को लाइटअप कर सिंक्रोनाइज कर लिया जाएगा। बता दें कि इस इकाई को फुल लोड पर लिए जाने की तिथि 22 फरवरी नियत है। निगम प्रबंधन का दावा है कि तय समय सीमा पर इकाई फुल लोड पर आ जाएगी।