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किशोरों के टीकाकरण में सहयोग नहीं कर रहे स्कूल प्रबंधन
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सोनभद्र में इन दिनों 12 से 14 वर्ष के बच्चों को कोविड टीकाकरण से रक्षित करने का अभियान चल रहा है। इस आयु वर्ग के ज्यादातर बच्चे स्कूलों में हैं। लिहाजा स्कूलों में कैंप लगाकर टीकाकरण के निर्देश दिए गए हैं। जिले में कई स्कूलों की ओर से समुचित सहयोग न मिलने से टीकाकरण बाधित है। सीएमओ ने डीआईओएस और बीएसए को पत्र लिखकर सहयोग की अपेक्षा की है। सभी स्कूल संचालकों को निर्देशित करने को कहा है।
इस समय स्वास्थ्य विभाग की ओर से 12 से 14 वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए जिले में नियमित टीकाकरण का लक्ष्य 5000 तय कर दिया गया है। इसे ब्लॉकवार भी आबादी के अनुसार बांटा गया है मगर स्वास्थ्य विभाग की सारी कोशिश नाकाम हो रही है। इसका प्रमुख कारण टीकाकरण अभियान को कई निजी स्कूलों का सहयोग नहीं मिल पाना है। मुख्यालय सहित जिले भर के कई विद्यालय टीकाकरण अभियान को लेकर रुचि नहीं दिखा रहे हैं। जब भी टीकाकरण के लिए उनसे संपर्क किया जा रहा है तो वे स्कूलों में एडमिशन शुरू होने का हवाला दे रहे हैं।
मंगलवार और बुधवार को राबर्ट्सगंज नगर में स्थित निजी स्कूलों से टीकाकरण के लिए स्कूल में कैंप लगाने के लिए इजाजत मांगी गई मगर सभी ने साफ इनकार कर दिया है। बता दें कि 16 मार्च से 12 से 14 वर्ष के उम्र के बच्चों के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इस उम्र के 78898 बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है जबकि अब तक कुल 12966 बच्चों को ही टीका लगाया जा सका है। इस बाबत डीआईओएस रविशंकर ने बताया कि सभी विद्यालयों को टीका करण में सहयोग करने की अपील किया गया है।
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16 से बच्चों को लगेगी टीके की दूसरी डोज
सोनभद्र। जिले में 12 से 14 वर्ष की उम्र के ऐसे बच्चे जो टीके की पहली डोज लगवा चुके हैं। उनके लिए अब खुशखबरी है। ऐसे बच्चों को टीके की दूसरी डेज भी लगाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार दूसरी डोज 16 अप्रैल से सीएचसी और पीएचसी सहित नौ स्थानों पर लगाई जाएगी। वहीं स्कूलों में पहली डोज के लिए लगाए जा रहे कैंप पर दूसरी डोज भी लगाई जा सकेगी।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्कूलों में टीकाकरण कैंप का आयोजन किया जा रहा है। विभाग की टीमें अधिक से अधिक टीकाकरण करने के लिए रोजाना कार्य कर रही हैं। 16 अप्रैल से 12 से 14 वर्ष के बच्चों को जो पहली डोज ले चुके हैं, उन्हें दूसरी डोज लगाई जाएगी। - डॉ. एसके चतुर्वेदी, प्रभारी जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
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इस समय स्वास्थ्य विभाग की ओर से 12 से 14 वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए जिले में नियमित टीकाकरण का लक्ष्य 5000 तय कर दिया गया है। इसे ब्लॉकवार भी आबादी के अनुसार बांटा गया है मगर स्वास्थ्य विभाग की सारी कोशिश नाकाम हो रही है। इसका प्रमुख कारण टीकाकरण अभियान को कई निजी स्कूलों का सहयोग नहीं मिल पाना है। मुख्यालय सहित जिले भर के कई विद्यालय टीकाकरण अभियान को लेकर रुचि नहीं दिखा रहे हैं। जब भी टीकाकरण के लिए उनसे संपर्क किया जा रहा है तो वे स्कूलों में एडमिशन शुरू होने का हवाला दे रहे हैं।
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मंगलवार और बुधवार को राबर्ट्सगंज नगर में स्थित निजी स्कूलों से टीकाकरण के लिए स्कूल में कैंप लगाने के लिए इजाजत मांगी गई मगर सभी ने साफ इनकार कर दिया है। बता दें कि 16 मार्च से 12 से 14 वर्ष के उम्र के बच्चों के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इस उम्र के 78898 बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है जबकि अब तक कुल 12966 बच्चों को ही टीका लगाया जा सका है। इस बाबत डीआईओएस रविशंकर ने बताया कि सभी विद्यालयों को टीका करण में सहयोग करने की अपील किया गया है।
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16 से बच्चों को लगेगी टीके की दूसरी डोज
सोनभद्र। जिले में 12 से 14 वर्ष की उम्र के ऐसे बच्चे जो टीके की पहली डोज लगवा चुके हैं। उनके लिए अब खुशखबरी है। ऐसे बच्चों को टीके की दूसरी डेज भी लगाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार दूसरी डोज 16 अप्रैल से सीएचसी और पीएचसी सहित नौ स्थानों पर लगाई जाएगी। वहीं स्कूलों में पहली डोज के लिए लगाए जा रहे कैंप पर दूसरी डोज भी लगाई जा सकेगी।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्कूलों में टीकाकरण कैंप का आयोजन किया जा रहा है। विभाग की टीमें अधिक से अधिक टीकाकरण करने के लिए रोजाना कार्य कर रही हैं। 16 अप्रैल से 12 से 14 वर्ष के बच्चों को जो पहली डोज ले चुके हैं, उन्हें दूसरी डोज लगाई जाएगी। - डॉ. एसके चतुर्वेदी, प्रभारी जिला प्रतिरक्षण अधिकारी