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Sonebhadra News: सरदार पटेल एकीकृत भारत के शिल्पकार थे
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डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन सोनभद्र के सभागार में सोमवार को लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 75वीं पुण्यतिथि मनाई गई। राष्ट्रीय एकता में सरदार पटेल के योगदान को सराहा गया। वक्ताओं ने कहा कि सरदार पटेल एकीकृत भारत के शिल्पकार थे।
अध्यक्ष जगजीवन सिंह ने सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि भारत की राष्ट्रीय एकता के सूत्रधार और एकीकृत भारत के शिल्पकार सरदार वल्लभ भाई पटेल ने स्वतंत्र भारत के प्रथम उपप्रधानमंत्री व गृहमंत्री के रूप में देश की अखंडता को सुनिश्चित किया। पूर्व अध्यक्ष श्याम बिहारी यादव ने कहा कि सरदार पटेल के दूरदर्शी नेतृत्व में 562 से अधिक रियासतों का भारत संघ में विलय संभव हुआ, जिससे एक सशक्त और संगठित भारत की नींव पड़ी। उनका जीवन राष्ट्रसेवा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का अमर आदर्श है, जो देश को एकता और दृढ़ता के मार्ग पर सदैव प्रेरित करता रहेगा। महामंत्री प्रदीप कुमार मौर्य ने कहा कि 15 दिसंबर 1950 में सरदार वल्लभ भाई पटेल का मुंबई में निधन हुआ था। वे करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। कार्यक्रम में चौधरी यशवंत सिंह, राजेश कुमार मौर्य, राजेश कुमार यादव, कामता प्रसाद यादव आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन कुमार सिंह ने की।
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अध्यक्ष जगजीवन सिंह ने सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि भारत की राष्ट्रीय एकता के सूत्रधार और एकीकृत भारत के शिल्पकार सरदार वल्लभ भाई पटेल ने स्वतंत्र भारत के प्रथम उपप्रधानमंत्री व गृहमंत्री के रूप में देश की अखंडता को सुनिश्चित किया। पूर्व अध्यक्ष श्याम बिहारी यादव ने कहा कि सरदार पटेल के दूरदर्शी नेतृत्व में 562 से अधिक रियासतों का भारत संघ में विलय संभव हुआ, जिससे एक सशक्त और संगठित भारत की नींव पड़ी। उनका जीवन राष्ट्रसेवा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का अमर आदर्श है, जो देश को एकता और दृढ़ता के मार्ग पर सदैव प्रेरित करता रहेगा। महामंत्री प्रदीप कुमार मौर्य ने कहा कि 15 दिसंबर 1950 में सरदार वल्लभ भाई पटेल का मुंबई में निधन हुआ था। वे करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। कार्यक्रम में चौधरी यशवंत सिंह, राजेश कुमार मौर्य, राजेश कुमार यादव, कामता प्रसाद यादव आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन कुमार सिंह ने की।
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