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चिह्नित होंगे ग्रामीण रूट, होगी जीआईएस मैपिंग
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गांव-गांव तक आवागमन को बेहतर बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए परिवहन विभाग ग्रामीण रूट तैयार कर रहा है। एप की मदद से इन रूटों की जीआईएस मैपिंग की जाएगी। वहां की परिवहन सुविधाओं पर निगरानी रखी जाएगी। इसके लिए प्रशिक्षण की प्रक्रिया पूरी हो गई है। जल्द ही रूटों का निर्धारण कर मैपिंग का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत सरकार परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दे रही है। इसके मद्देनजर ग्रामीण मार्गों को सूचीबद्ध किया जा रहा है। प्रमुख ग्रामीण मार्गों पर आवागमन की सुविधाओं को चिह्नित किया जाएगा और फिर जरूरत के अनुसार उन पर नई सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इसी क्रम में रूटों के निर्धारण की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। जिले में किस क्षेत्र में कितने रूट और अभी वहां आवागमन की सुविधा क्या है, इसका विवरण तैयार किया जाएगा। ग्रामीण रूटों की जीआईएस मैपिंग भी होगी, ताकि कोई भी कहीं से भी एक क्लिक के जरिए उस रूट की स्थिति को जान सकेंगे। ग्रामीण रूटों की मैपिंग के लिए परिवहन विभाग के अधिकारियों को लखनऊ में प्रशिक्षण दिया गया है। एआरटीओ प्रवर्तन धनवीर यादव ने बताया कि रूट निर्धारण के बाद एप के माध्यम से मैपिंग की जाएगी। प्रशिक्षण के बाद अब जल्द ही यह कार्य शुरू किया जाएगा।
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प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत सरकार परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दे रही है। इसके मद्देनजर ग्रामीण मार्गों को सूचीबद्ध किया जा रहा है। प्रमुख ग्रामीण मार्गों पर आवागमन की सुविधाओं को चिह्नित किया जाएगा और फिर जरूरत के अनुसार उन पर नई सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इसी क्रम में रूटों के निर्धारण की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। जिले में किस क्षेत्र में कितने रूट और अभी वहां आवागमन की सुविधा क्या है, इसका विवरण तैयार किया जाएगा। ग्रामीण रूटों की जीआईएस मैपिंग भी होगी, ताकि कोई भी कहीं से भी एक क्लिक के जरिए उस रूट की स्थिति को जान सकेंगे। ग्रामीण रूटों की मैपिंग के लिए परिवहन विभाग के अधिकारियों को लखनऊ में प्रशिक्षण दिया गया है। एआरटीओ प्रवर्तन धनवीर यादव ने बताया कि रूट निर्धारण के बाद एप के माध्यम से मैपिंग की जाएगी। प्रशिक्षण के बाद अब जल्द ही यह कार्य शुरू किया जाएगा।
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