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लापरवाह सचिवों और प्रधानों की रिपोर्ट तलब
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सोनभद्र। जिले के 629 ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत सामुदायिक शौचालयों का निमार्ण कार्य हो रहा है, लेकिन समय सीमा पूर्ण होने के बाद भी 119 शौचालयों का काम पूरा नहीं हुआ। इसे गंभीरता से लेते हुए डीपीआरओ ने एडीओ पंचयतों को शौचालयों का निर्माण कार्य कराने में लापरवाही बरतने वाले सचिवों और प्रधानों की रिपोर्ट तलब किया है। जिले के 639 ग्राम पंचायतों में एक-एक शौचालय बनना है। अब तक सभी शौचालयों का निर्माण कार्य पूर्ण कर कर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं के हाथों में दे देना था। सरकार ने समूह की महिलाओं से ही शौचालयों की देखभाल के साथ ही सफाई आदि का काम कराने का निर्देश दिया है, ताकि उन्हें रोजगार मिल सके। प्रत्येक समूह को प्रति माह छह हजार रुपये मानदेय और तीन हजार रुपये खर्च दिए जाएंगे। इसको लेकर जिले में ग्राम पंचायत व समूहों के बीच अनुबंध की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। हालांकि पंचायती राज विभाग ने अभी तक करीब 508 सामुदायिक शौचालयों को ही उपायुक्त श्रम एवं रोजगार को सुपुर्द किया है। शेष 121 शौचालयों का कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए डीपीआरओ ने सभी एडीओ पंचायतों को सामुदायिक शौचालयों को पूर्ण कराने में रूचि नहीं लेने वाले प्रधानों और सेक्रेटरियों की रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट के आधार पर संबंधितों के खिलाफ आगे की कार्यवाही होगी।
ग्राम पंचायतों में बन रहे सामुदायिक शौचालयों की देखभाल का जिम्मा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंपा जा रहा है। अभी तक लगभग 508 शौचालयों को सुपुर्द करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। शौचालयों की देखभाल करने की एवज में संबंधित समूह को छह हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा।
- अरूण कुमार जौहरी, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार
629 ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत सामुदायिक शौचालय बनाए जा रहे हैं। 508 शौचालयों का काम पूर्ण हो चुका है। शेष का कार्य भी जल्द से जल्द पूरा कराने का प्रयास जा रही है। शौचालयों का कार्य पूर्ण कराने में हीलाहवाली करने वाले सचिवों और प्रधानों की रिपोर्ट मांगी गई है। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। - विशाल सिंह, डीपीआरओ
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ग्राम पंचायतों में बन रहे सामुदायिक शौचालयों की देखभाल का जिम्मा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंपा जा रहा है। अभी तक लगभग 508 शौचालयों को सुपुर्द करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। शौचालयों की देखभाल करने की एवज में संबंधित समूह को छह हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा।
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- अरूण कुमार जौहरी, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार
629 ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत सामुदायिक शौचालय बनाए जा रहे हैं। 508 शौचालयों का काम पूर्ण हो चुका है। शेष का कार्य भी जल्द से जल्द पूरा कराने का प्रयास जा रही है। शौचालयों का कार्य पूर्ण कराने में हीलाहवाली करने वाले सचिवों और प्रधानों की रिपोर्ट मांगी गई है। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। - विशाल सिंह, डीपीआरओ
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