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दुद्धी को जिला बनाने को लेकर अधिवक्ताओं ने किया प्रदर्शन
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दुद्धी। दुद्धी को जिला बनाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारी और संयुक्त बार संघ के अधिवक्ता मांगों को लेकर शनिवार को न्यायिक कार्य से विरत रहे।
कचहरी गेट के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
सिविल बार संघ के अध्यक्ष रामलोचन तिवारी ने कहा कि दुद्धी को जिला बनाएं जाने की मांग लंबे अर्से से हो रही है। लेकिन मौजूदा सरकार पर इसका असर नहीं पड़ रहा है। कई बार मुख्यमंत्री के अलावा कैबिनेट मंत्रियों से मांग भी बेअसर रही। दुद्धी बार एसोसिएशन संघ के पूर्व अध्यक्ष दिनेश अग्रहरि ने कहा कि जिला मुख्यालय की लंबी दूरी होने के कारण जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचने तथा न्यायालय में पहुंचने में आम लोगों का दो दिन का समय लग जाता है। बीजपुर से जिला मुख्यालय पहुंचने में करीब 200 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। दुद्धी बार संघ के पूर्व अध्यक्ष रामपाल जौहरी ने कहा कि शासन अनावश्यक रूप से जिला मुख्यालय की यहाँ घोषणा न कर क्षेत्र के लोगों को गुमराह कर रही है। दुद्धी को जिला बनाओ संघर्ष समिति के महासचिव प्रभु सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री जिले के दौरे पर आए और ओबरा को तहसील, कोन और करमा को ब्लॉक बनाये जाने की घोषणा भी कर दिए मगर दुद्धी को जिला बनाए जाने की घोषणा न होने से लोगों में नाराजगी है। बार संघ के पूर्व अध्यक्ष नंदलाल ने कहा कि अगर जनभावनाओं का सम्मान करते हुए दुद्धी को जिला मुख्यालय बनाए जाने की घोषणा नहीं होती है तो वह लोग व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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कचहरी गेट के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
सिविल बार संघ के अध्यक्ष रामलोचन तिवारी ने कहा कि दुद्धी को जिला बनाएं जाने की मांग लंबे अर्से से हो रही है। लेकिन मौजूदा सरकार पर इसका असर नहीं पड़ रहा है। कई बार मुख्यमंत्री के अलावा कैबिनेट मंत्रियों से मांग भी बेअसर रही। दुद्धी बार एसोसिएशन संघ के पूर्व अध्यक्ष दिनेश अग्रहरि ने कहा कि जिला मुख्यालय की लंबी दूरी होने के कारण जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचने तथा न्यायालय में पहुंचने में आम लोगों का दो दिन का समय लग जाता है। बीजपुर से जिला मुख्यालय पहुंचने में करीब 200 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। दुद्धी बार संघ के पूर्व अध्यक्ष रामपाल जौहरी ने कहा कि शासन अनावश्यक रूप से जिला मुख्यालय की यहाँ घोषणा न कर क्षेत्र के लोगों को गुमराह कर रही है। दुद्धी को जिला बनाओ संघर्ष समिति के महासचिव प्रभु सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री जिले के दौरे पर आए और ओबरा को तहसील, कोन और करमा को ब्लॉक बनाये जाने की घोषणा भी कर दिए मगर दुद्धी को जिला बनाए जाने की घोषणा न होने से लोगों में नाराजगी है। बार संघ के पूर्व अध्यक्ष नंदलाल ने कहा कि अगर जनभावनाओं का सम्मान करते हुए दुद्धी को जिला मुख्यालय बनाए जाने की घोषणा नहीं होती है तो वह लोग व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।