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क्रिटिकल जोन से गुजर रही परियोजनाओं का हो सकेगा पुनरोत्थान

Sun, 24 Jul 2022 11:36 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 24 Jul 2022 11:36 PM IST
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Projects passing through critical zone will get sanjeevani
ऊर्जांचल के कृष्णशीला रेलवे साइडिंग पर कोयले की एक बड़ी खेप सीज करने के बाद प्रशासन अब उसके मालिक का पता लगाने में जुट गया है। 32 बीघे में सीज कोयले की खेप में अमूमन एक मिलियन टन (10 लाख मीट्रिक टन) अनुमान लगाया गया है। एडीएम ने सप्ताह भर बाद इस कोयले की नीलामी कराने के आदेश दिए हैं। सीज कोयले की मात्रा से कई क्रिटिकल जोन से गुजर रही परियोजनाओं के पुनरुत्थान होने की संभावना जग गई है। इसके लिए कई बड़ी परियोजनाएं नीलामी में हिस्सा लेकर कोयले की खरीद की तैयारी में जुट गई हैं।
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अमर उजाला ने 21 जुलाई बृहस्पतिवार के अंक में बारिश न होने से धधक रहे कोयले की खबर को मुख्यता से प्रकाशित किया। इसके बाद जिला स्तरीय जांच टीम ने शुक्रवार को कोल खदानों की जांच कर दी। जांच के बाद 32 बीघे में फैले 10 लाख मीट्रिक टन कोयले का पर्दाफाश हुआ। 32 बीघे में फैले कोयले का भंडार एनसीएल के नाम से ही पंजीकृत जमीन पर है लेकिन एनसीएल के अधिकारियों को ही इतनी बड़ी खेप की मौजूदगी की जानकारी नहीं है। अमर उजाला अखबार की ओर से कोयले से उठते धुएं की प्रकाशित खबर के बाद जब मामला उजागर हुआ तो जिला स्तरीय संयुक्त टीम का गठन कर इसकी जांच कराई गई।
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जांच में एनसीएल की कृष्णशीला रेलवे साइडिंग पर अवैध रूप से इतने कोयले का भंडारण होगा इसकी जानकारी अधिकारियों और आम जनमानस को भी नहीं थी। ऊर्जांचल का बड़ा क्षेत्र कोयला उत्पादन के लिए होने के कारण यहां के लोग भी इसे एनसीएल का कोयला मान एनसीएल प्रबंधन को ज्ञापन व पत्रक सौंपते रहे लेकिन मामला उजागर नहीं हो सका। इस पूरे कोयले को सीज कर इसकी सुरक्षा से संबंधित सभी कार्य शक्तिनगर थाना प्रभारी नागेश सिंह को सौंपते हुए अधिकारियों ने एक सप्ताह के भीतर स्वामित्व सिद्ध करने का मौका दिया है। इस बड़ी खेप से अपनी समस्या दूर करने के लिए कई निजी व सरकारी ताप आधारित बिजली घरों के अधिकारी अपनी-अपनी तैयारियों को पूरा करने में जुटे हैं। स्थानीय क्षेत्र की लैंको परियोजना भी इस नीलामी में हिस्सा लेकर कोयले की बड़ी खेप हासिल करने का कार्य कर सकेगी। जिससे परियोजना को क्रिटिकल जोन से बाहर निकाला जा सके।
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