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Sonebhadra News: अनपरा की पहली इकाई से उत्पादन शुरू
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अनपरा। जीटी जल जाने के कारण लंबे समय से बंद चल रही अनपरा की पहली इकाई को मंगलवार की मध्य रात्रि में उत्पादन शुरू हो गया। बीटीएल के कारण बंद हुई छठवीं इकाई को देर रात तक लाइटअप करने की उम्मीद जताई जा रही है। ओबरा की तीसरी इकाई से माह के अंत तक उत्पादन शुरू होने की संभावना है।
जीटी जल जाने से 210 मेगावाट अनपरा की पहली इकाई से गत 28 अप्रैल को उत्पादन बंद करना पड़ा था। इस दुर्घटना में जीटी पूरी तरह जल चुका था। इसके बाद अनपरा परियोजना से 210 मेगावाट का उत्पादन कम हो गया था। गत शनिवार को 500 मेगावाट की अनपरा की छठवीं इकाई को ब्वायलर ट्यूब लिकेज के कारण बंद करना पड़ा। इसके साथ ही गत 29 जनवरी से 200 मेगावाट की ओबरा परियोजना के टर्बाइन में आई खराबी के कारण उत्पादन ठप है। इस तरह कुल 910 मेगावाट निगम से उत्पादन कम हो रहा था। अनपरा और ओबरा परियोजना ही सूबे को सस्ती बिजली उपलब्ध कराती हैं, ऐसे मे तीन इकाई बंद होने से निगम को निजी क्षेत्रों से महंगी बिजली खरीदन पड़ रहा था। भीषण गर्मी में बिजली की मांग को पूरा करने में निगम की इकाई पर काफी दबाव था। नया जीटी उपलब्ध होने के बाद मंगलवार की देर रात पहली इकाई को सिंक्रोनाइज किया गया और बुधवार की सुबह करीब 2.40 बजे इकाई को लाइटअप कर लिया गया। अनपरा की छठवीं इकाई से भी मरम्मत के बाद देर रात उत्पादन शुरू होने की संभावना है। ओबरा की दसवीं इकाई माह के अंत तक लाइटअप होने की संभावना जताई जा रही है। बुधवार में बिजली की अधिकतम मांग 24569 मेगावाट और न्यूनतम मांग 14807 मेगावाट रही।
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जीटी जल जाने से 210 मेगावाट अनपरा की पहली इकाई से गत 28 अप्रैल को उत्पादन बंद करना पड़ा था। इस दुर्घटना में जीटी पूरी तरह जल चुका था। इसके बाद अनपरा परियोजना से 210 मेगावाट का उत्पादन कम हो गया था। गत शनिवार को 500 मेगावाट की अनपरा की छठवीं इकाई को ब्वायलर ट्यूब लिकेज के कारण बंद करना पड़ा। इसके साथ ही गत 29 जनवरी से 200 मेगावाट की ओबरा परियोजना के टर्बाइन में आई खराबी के कारण उत्पादन ठप है। इस तरह कुल 910 मेगावाट निगम से उत्पादन कम हो रहा था। अनपरा और ओबरा परियोजना ही सूबे को सस्ती बिजली उपलब्ध कराती हैं, ऐसे मे तीन इकाई बंद होने से निगम को निजी क्षेत्रों से महंगी बिजली खरीदन पड़ रहा था। भीषण गर्मी में बिजली की मांग को पूरा करने में निगम की इकाई पर काफी दबाव था। नया जीटी उपलब्ध होने के बाद मंगलवार की देर रात पहली इकाई को सिंक्रोनाइज किया गया और बुधवार की सुबह करीब 2.40 बजे इकाई को लाइटअप कर लिया गया। अनपरा की छठवीं इकाई से भी मरम्मत के बाद देर रात उत्पादन शुरू होने की संभावना है। ओबरा की दसवीं इकाई माह के अंत तक लाइटअप होने की संभावना जताई जा रही है। बुधवार में बिजली की अधिकतम मांग 24569 मेगावाट और न्यूनतम मांग 14807 मेगावाट रही।
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