{"_id":"5f4d35078ebc3ed6c51c5a80","slug":"power-workers-anger-over-power-corporation-threatening-letter-sonbhadra-news-vns544549295","type":"story","status":"publish","title_hn":"पावर कारपोरेशन के धमकी भरे पत्र से बिजली कर्मियों में आक्रोश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पावर कारपोरेशन के धमकी भरे पत्र से बिजली कर्मियों में आक्रोश
विज्ञापन
अनपरा। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति शाखा अनपरा ने निजीकरण के विरोध में होने वाले आंदोलन को दबाने के लिए पावर कारपोरेशन प्रबंधन के धमकी भरे पत्र पर आक्रोश व्यक्त किया है।
विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के आह्वान पर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में एक सितंबर से बिजली कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओं का ध्यानाकर्षण आंदोलन प्रारंभ हो रहा है। संघर्ष समिति अनपरा शाखा के संयोजक रोहित राय, हरिशंकर चौधरी, सुशील श्रीवास्तव, विवेक सिंह, शारदा प्रसाद, विशंभर सिंह, राजकुमार सिंह, विजय बहादुर, राकेश वर्मा आदि ने विद्युत विभाग प्रबंधन पर तानाशाही पूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। कहा कि ध्यानाकर्षण कार्यक्रम को कुचलने हेतु पावर कार्पोरेशन प्रबंधन ने संघर्ष समिति को भेजे गए पत्र में धमकी भरी भाषा में यह बताया है कि विरोध प्रदर्शन करने पर आवश्यक सेवा अधिनियम के तहत एक साल की जेल राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत एक साल की जेल जिसे दो साल और बढ़ाया जा सकता है तथा पैंडेमिक एक्ट के तहत जुर्माना जैसा दंड दिया जाएगा।
आंदोलन को सफल बनाने के लिए सभी मंडलो में करेंगे दौरा
अनपरा। ध्यानाकर्षण आंदोलन के प्रथम चरण में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के अंतर्गत सभी जनपदों में एक से दो सितंबर को छोड़कर प्रत्येक कार्य दिवस में शाम चार से पांच बजे तक विरोध सभाएं कर बिजली कर्मी निजीकरण वापस लेने हेतु सरकार का ध्यानाकर्षण करेंगे। पहले दिन वाराणसी में होने वाली सभा में संघर्ष समिति के सभी घटक श्रम संघों व सेवा संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। संघर्ष समिति के पदाधिकारी नौ सितंबर तक पूर्वांचल के सभी मंडलों में दौरा कर सभा एवं प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। उन्होंने बताया कि 10 सितंबर को लखनऊ में समिति के केंद्रीय पदाधिकारी अगले कार्यक्रमों का ऐलान करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के आह्वान पर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में एक सितंबर से बिजली कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओं का ध्यानाकर्षण आंदोलन प्रारंभ हो रहा है। संघर्ष समिति अनपरा शाखा के संयोजक रोहित राय, हरिशंकर चौधरी, सुशील श्रीवास्तव, विवेक सिंह, शारदा प्रसाद, विशंभर सिंह, राजकुमार सिंह, विजय बहादुर, राकेश वर्मा आदि ने विद्युत विभाग प्रबंधन पर तानाशाही पूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। कहा कि ध्यानाकर्षण कार्यक्रम को कुचलने हेतु पावर कार्पोरेशन प्रबंधन ने संघर्ष समिति को भेजे गए पत्र में धमकी भरी भाषा में यह बताया है कि विरोध प्रदर्शन करने पर आवश्यक सेवा अधिनियम के तहत एक साल की जेल राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत एक साल की जेल जिसे दो साल और बढ़ाया जा सकता है तथा पैंडेमिक एक्ट के तहत जुर्माना जैसा दंड दिया जाएगा।
विज्ञापन
आंदोलन को सफल बनाने के लिए सभी मंडलो में करेंगे दौरा
अनपरा। ध्यानाकर्षण आंदोलन के प्रथम चरण में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के अंतर्गत सभी जनपदों में एक से दो सितंबर को छोड़कर प्रत्येक कार्य दिवस में शाम चार से पांच बजे तक विरोध सभाएं कर बिजली कर्मी निजीकरण वापस लेने हेतु सरकार का ध्यानाकर्षण करेंगे। पहले दिन वाराणसी में होने वाली सभा में संघर्ष समिति के सभी घटक श्रम संघों व सेवा संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। संघर्ष समिति के पदाधिकारी नौ सितंबर तक पूर्वांचल के सभी मंडलों में दौरा कर सभा एवं प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। उन्होंने बताया कि 10 सितंबर को लखनऊ में समिति के केंद्रीय पदाधिकारी अगले कार्यक्रमों का ऐलान करेंगे।
विज्ञापन