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अनपरा और लैंको की चार इकाईयों से विद्युत उत्पादन ठप
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अनपरा के बिजली घरों पर ब्वायलर ट्यूब लीकेज (बीटीएल) की समस्या परेशानी का सबब बन गई है। बीटीएल के कारण इस समय अनपरा व लैंको परियोजना की 1520 मेगावाट की चार इकाईयों से विद्युत उत्पादन ठप है।
बीटीएल की समस्या की शुरुआत एक सप्ताह पूर्व अनपरा परियोजना की 500 मेगावाट क्षमता की सातवीं इकाई के बंद होने से हुई। टरबाइन जनरेटर में आग लग जाने के कारण डेढ़ वर्ष से अधिक समय से बंद सातवीं इकाई अभी लोड पर भी नहीं आ पाई थी कि रविवार सुबह एक-एक कर 210 मेगावाट की पहली व तीसरी इकाई भी बंद हो गई। उसके बाद रात 9 बजे ब्वायलर ट्यूब लीकेज के कारण निजी क्षेत्र की लैंको परियोजना की 600 मेगावाट क्षमता की दूसरी इकाई को भी शट डाउन लेना पड़ा। यूनिट हेड संदीप गोस्वामी ने बताया कि इकाई का अनुरक्षण प्रारंभ कर दिया गया है। निर्धारित शेड्यूल के तहत इकाई को उत्पादनरत कर लिया जाएगा। एक साथ चार इकाईयों से उत्पादन ठप होने के कारण प्रदेश में विद्युत उपलब्धता पर व्यापक असर पड़ा है। सोमवार को अनपरा परियोजना से स्थापित क्षमता 2630 मेगावाट के सापेक्ष 1553 और लैंको परियोजना से 1200 मेगावाट के सापेक्ष महज 553 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा रहा था। हालांकि इस दौरान थर्मल बैकिंग से राहत मिलने के कारण अन्य इकाईयों से पूर्ण क्षमता से उत्पादन किया गया।
दूसरे दिन भी 20 हजार मेवा से अधिक रही बिजली की मांग
प्रदेश में लगातार दूसरे दिन बिजली की मांग 20 हजार मेगावाट से अधिक रही। सोमवार को बिजली की अधिकतम मांग 20711 मेगावाट दर्ज की गई। शाम पांच बजे के पूर्व ही बिजली की मांग 16389 मेगावाट पहुंच जाने से पीक आवर में मांग में उछाल की प्रबल संभावना बनी हुई है। ऐसे में कई इकाईयों के बंद होने के कारण प्रदेश में विद्युत संकट गहराने के आसार जताए जा रहे हैं।
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बीटीएल की समस्या की शुरुआत एक सप्ताह पूर्व अनपरा परियोजना की 500 मेगावाट क्षमता की सातवीं इकाई के बंद होने से हुई। टरबाइन जनरेटर में आग लग जाने के कारण डेढ़ वर्ष से अधिक समय से बंद सातवीं इकाई अभी लोड पर भी नहीं आ पाई थी कि रविवार सुबह एक-एक कर 210 मेगावाट की पहली व तीसरी इकाई भी बंद हो गई। उसके बाद रात 9 बजे ब्वायलर ट्यूब लीकेज के कारण निजी क्षेत्र की लैंको परियोजना की 600 मेगावाट क्षमता की दूसरी इकाई को भी शट डाउन लेना पड़ा। यूनिट हेड संदीप गोस्वामी ने बताया कि इकाई का अनुरक्षण प्रारंभ कर दिया गया है। निर्धारित शेड्यूल के तहत इकाई को उत्पादनरत कर लिया जाएगा। एक साथ चार इकाईयों से उत्पादन ठप होने के कारण प्रदेश में विद्युत उपलब्धता पर व्यापक असर पड़ा है। सोमवार को अनपरा परियोजना से स्थापित क्षमता 2630 मेगावाट के सापेक्ष 1553 और लैंको परियोजना से 1200 मेगावाट के सापेक्ष महज 553 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा रहा था। हालांकि इस दौरान थर्मल बैकिंग से राहत मिलने के कारण अन्य इकाईयों से पूर्ण क्षमता से उत्पादन किया गया।
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दूसरे दिन भी 20 हजार मेवा से अधिक रही बिजली की मांग
प्रदेश में लगातार दूसरे दिन बिजली की मांग 20 हजार मेगावाट से अधिक रही। सोमवार को बिजली की अधिकतम मांग 20711 मेगावाट दर्ज की गई। शाम पांच बजे के पूर्व ही बिजली की मांग 16389 मेगावाट पहुंच जाने से पीक आवर में मांग में उछाल की प्रबल संभावना बनी हुई है। ऐसे में कई इकाईयों के बंद होने के कारण प्रदेश में विद्युत संकट गहराने के आसार जताए जा रहे हैं।
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