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लगातार बारिश से गिरी बिजली की मांग
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सूबे के अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार बारिश से मौसम में बदलाव के कारण बिजली की मांग में भी कमी आई है। इकाइयों से थर्मल बैकिंग की जा रही है। बुधवार को बिजली की अधिकतम मांग का आंकड़ा 21418 मेगावाट दर्ज किया गया।
करीब एक पखवाड़ा पहले तक बिजली की अधिकतम मांग 26 हजार मेगावाट के करीब थी। अब लगातार बारिश से तापमान में गिरावट आई है। बिजली की मांग में अचानक से गिरावट आने पर परियोजनाओं ने इकाइयों से थर्मल बैकिंग शुरू कर दी है ताकि मांग अनुसार ही बिजली का उत्पादन हो सके। बुधवार को बिजली की अधिकतम मांग 21418 मेगावाट दर्ज की गई। इस दौरान अनपरा तापीय परियोजना की इकाइयों से 2226 मेगावाट, ओबरा की इकाई से 371 और निजी क्षेत्र की लैंको इकाई से 796 मेगावाट बिजली उत्पादन किया गया।
कोयले की कमी से घट रहा लैंको का उत्पादन
निजी क्षेत्र की लैंको इकाई में अब भी कोयले की कमी बरकरार है। 11 सौ मेगावट तक उत्पादन करने की क्षमता रखने वाली लैंको परियोजना से महज 800 मेगावाट ही उत्पादन किया जा रहा है। कोयले की किल्लत के कारण इकाइयों पर ज्यादा लोड़ देकर कोयला खपाने के बजाय लोड कम करते हुए कोयले का इस्तेमाल कम से कम करने का प्रयास किया जा रहा है। कोयले की किल्लत दूर करने के लिए अभी हाल ही में लैंकों ने डेढ़ लाख एमटी कोयले का बाहर से आयात करने का प्रस्ताव भी जारी किया है।
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करीब एक पखवाड़ा पहले तक बिजली की अधिकतम मांग 26 हजार मेगावाट के करीब थी। अब लगातार बारिश से तापमान में गिरावट आई है। बिजली की मांग में अचानक से गिरावट आने पर परियोजनाओं ने इकाइयों से थर्मल बैकिंग शुरू कर दी है ताकि मांग अनुसार ही बिजली का उत्पादन हो सके। बुधवार को बिजली की अधिकतम मांग 21418 मेगावाट दर्ज की गई। इस दौरान अनपरा तापीय परियोजना की इकाइयों से 2226 मेगावाट, ओबरा की इकाई से 371 और निजी क्षेत्र की लैंको इकाई से 796 मेगावाट बिजली उत्पादन किया गया।
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कोयले की कमी से घट रहा लैंको का उत्पादन
निजी क्षेत्र की लैंको इकाई में अब भी कोयले की कमी बरकरार है। 11 सौ मेगावट तक उत्पादन करने की क्षमता रखने वाली लैंको परियोजना से महज 800 मेगावाट ही उत्पादन किया जा रहा है। कोयले की किल्लत के कारण इकाइयों पर ज्यादा लोड़ देकर कोयला खपाने के बजाय लोड कम करते हुए कोयले का इस्तेमाल कम से कम करने का प्रयास किया जा रहा है। कोयले की किल्लत दूर करने के लिए अभी हाल ही में लैंकों ने डेढ़ लाख एमटी कोयले का बाहर से आयात करने का प्रस्ताव भी जारी किया है।
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