{"_id":"5b94092b867a557fff72f8ea","slug":"ntpc-singrauli-extension-extension","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब आठ सौ मेगावाट की दो इकाइयां लगाई जाएंगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब आठ सौ मेगावाट की दो इकाइयां लगाई जाएंगी
sonbhadra
Updated Sat, 08 Sep 2018 11:08 PM IST
विज्ञापन
ntpc
- फोटो : sonbhadra
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शक्तिनगर। एनटीपीसी की मदर यूनिट सिंगरौली को विस्तार देते हुए अब 800-800 मेगावाट की दो इकाइयां स्थापित की जाएंगी। इसके लिए फिजिविलिटी रिपोर्ट तैयार करने के साथ ही, डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। अब एनटीपीसी के केंद्रीय कार्यालय की तरफ से इसको लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
बताते चलें कि पहले पहले 660-660 मेगावाट की दो इकाइयां स्थापित करने का प्रस्ताव था। इसको लेकर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के साथ ही, इसको लेकर जरूरी औपचारिकताएं भी पूरी कर ली गई हैं। इकाइयों के स्थापना के लिए शक्तिनगर स्थित आवासीय परिसर को हटाकर चंद किमी की दूरी पर एमपी के सिंगरौली जिले में स्थित एनटीपीसी विंध्यनगर की एरिया में निर्माण की प्रक्रिया चल रही थी।
इसी बीच मुख्यालय स्तर से विस्तार परियोजना की क्षमता बढ़ाते हुए 800-800 मेगावाट की दो इकाइयों को स्थापित करने का निर्णय ले लिया गया। एनटीपीसी सिंगरौली के पीआरओ आदेश पांडेय ने भी इसकी पुष्टि की। बताया कि इसको लेकर परियोजना स्तर से होने वाली कवायद पूरी कर रिपोर्ट केंद्रीय कार्यालय को भेज दी गई है। वहां से भी इसको लेकर प्रक्रिया जारी है। बताते चलें कि मौजूदा समय एनटीपीसी सिंगरौली की क्षमता 2000 मेगावाट है।
विज्ञापन
15 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट और नौ मेगावाट का हाइड्रो पावर प्लांट भी संचालित है। विस्तार योजना को मूर्तरूप मिलने के बाद परियोजना की क्षमता बढ़कार 3624 मेगावाट पहुंच जाएगी। इसके साथ ही यह परियोजना उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी परियोजना बन जाएगी। अभी एनटीपीसी की तीन हजार मेगावाट वाली रिहंद परियोजना यूपी की सबसे बड़ी परियोजना बनी हुई है।
विज्ञापन
बताते चलें कि पहले पहले 660-660 मेगावाट की दो इकाइयां स्थापित करने का प्रस्ताव था। इसको लेकर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के साथ ही, इसको लेकर जरूरी औपचारिकताएं भी पूरी कर ली गई हैं। इकाइयों के स्थापना के लिए शक्तिनगर स्थित आवासीय परिसर को हटाकर चंद किमी की दूरी पर एमपी के सिंगरौली जिले में स्थित एनटीपीसी विंध्यनगर की एरिया में निर्माण की प्रक्रिया चल रही थी।
विज्ञापन
इसी बीच मुख्यालय स्तर से विस्तार परियोजना की क्षमता बढ़ाते हुए 800-800 मेगावाट की दो इकाइयों को स्थापित करने का निर्णय ले लिया गया। एनटीपीसी सिंगरौली के पीआरओ आदेश पांडेय ने भी इसकी पुष्टि की। बताया कि इसको लेकर परियोजना स्तर से होने वाली कवायद पूरी कर रिपोर्ट केंद्रीय कार्यालय को भेज दी गई है। वहां से भी इसको लेकर प्रक्रिया जारी है। बताते चलें कि मौजूदा समय एनटीपीसी सिंगरौली की क्षमता 2000 मेगावाट है।
विज्ञापन
15 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट और नौ मेगावाट का हाइड्रो पावर प्लांट भी संचालित है। विस्तार योजना को मूर्तरूप मिलने के बाद परियोजना की क्षमता बढ़कार 3624 मेगावाट पहुंच जाएगी। इसके साथ ही यह परियोजना उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी परियोजना बन जाएगी। अभी एनटीपीसी की तीन हजार मेगावाट वाली रिहंद परियोजना यूपी की सबसे बड़ी परियोजना बनी हुई है।