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अनपरा में अब सिर्फ डेढ़ दिन के कोयले का स्टॉक
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त्योहारी सीजन में एक बार फिर से बिजली की मांग बढ़ने लगी है। बुधवार सुबह तक बिजली की अधिकतम मांग 20 हजार मेगावाट पार कर गई। सीएम के निर्देश पर पीक आवर में अनपरा परियोजना की इकाइयों को चार घंटे तक फुल लोड पर संचालित करना पड़ा।
एक पखवारे से प्रदेश में बिजली की मांग लगातार 20 हजार मेगावाट से कम बनी हुई थी मगर त्योहारी सीजन और रात में बिजली कटौती न करने के फरमान के बाद मंगलवार रात में 7 बजे से लेकर 11 बजे तक अनपरा परियोजना से पूर्ण क्षमता से विद्युत उत्पादन किया गया। प्रबंधन के अनुसार अभी परियोजना में कोयले के स्टॉक में कोई सुधार नहीं हुआ है। कोयले की आपूर्ति न बढ़ने से सभी इकाइयों में कोयला लगातार कम हो रहा है। बुधवार सुबह तक परियोजना का स्टॉक घटकर 61664.5 एमटी पहुंच गया। पीक आवर को छोड़कर अनपरा ए व बी को 250 मेगावाट कम लोड पर चलाया जा रहा है। अनपरा परियोजना में कोयले का संकट गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। अब सिर्फ डेढ़ दिन का कोयला परियोजना में मचा है। सभी इकाइयों का संचालन होने पर एक दिन में 40 हजार एमटी कोयले की जरूरत पड़ती है। ऐसे में सिर्फ 61 हजार एमटी कोयले से अधिकतम डेढ़ दिन ही बिजली का उत्पादन हो सकता है। कोयला संकट का समाधान न होने से परियोजना के अफसरों के सामने चिंता बढ़ रही है।
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एक पखवारे से प्रदेश में बिजली की मांग लगातार 20 हजार मेगावाट से कम बनी हुई थी मगर त्योहारी सीजन और रात में बिजली कटौती न करने के फरमान के बाद मंगलवार रात में 7 बजे से लेकर 11 बजे तक अनपरा परियोजना से पूर्ण क्षमता से विद्युत उत्पादन किया गया। प्रबंधन के अनुसार अभी परियोजना में कोयले के स्टॉक में कोई सुधार नहीं हुआ है। कोयले की आपूर्ति न बढ़ने से सभी इकाइयों में कोयला लगातार कम हो रहा है। बुधवार सुबह तक परियोजना का स्टॉक घटकर 61664.5 एमटी पहुंच गया। पीक आवर को छोड़कर अनपरा ए व बी को 250 मेगावाट कम लोड पर चलाया जा रहा है। अनपरा परियोजना में कोयले का संकट गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। अब सिर्फ डेढ़ दिन का कोयला परियोजना में मचा है। सभी इकाइयों का संचालन होने पर एक दिन में 40 हजार एमटी कोयले की जरूरत पड़ती है। ऐसे में सिर्फ 61 हजार एमटी कोयले से अधिकतम डेढ़ दिन ही बिजली का उत्पादन हो सकता है। कोयला संकट का समाधान न होने से परियोजना के अफसरों के सामने चिंता बढ़ रही है।
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