{"_id":"675330feb016d8b0970e136a","slug":"no-parking-arrangements-challan-for-25-thousand-vehicles-sonbhadra-news-c-194-1-son1002-121336-2024-12-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonebhadra News: पार्किंग के इंतजाम नहीं, 25 हजार वाहनों का चालान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonebhadra News: पार्किंग के इंतजाम नहीं, 25 हजार वाहनों का चालान
विज्ञापन
सोनभद्र। नगर सहित जिले में सार्वजनिक पार्किंग का कोई इंतजाम भले ही न हो, लेकिन चालान काटने में सरकारी तंत्र कोई कोताही नहीं बरत रहा है। सड़क किनारे, दुकानों के बाहर जहां भी वाहन खड़े दिख जाएं, वहीं चालान कट रहा है। पिछले 11 माह में 25 हजार से अधिक लोगों का चालान सिर्फ गलत पार्किंग में हुआ है। कार्रवाई की जद में आए लोग अब बाजार में आने से भी कतराने लगे हैं।
बात चाहे नगर पालिका क्षेत्र की हो या जिले की अन्य निकायों और प्रमुख कस्बों की। कहीं भी सार्वजनिक पार्किंग का इंतजाम नहीं है। वाहन स्वामी को अपनी सुविधा के अनुसार ही वाहन खड़ा करना पड़ता है। लोग अपने घर और दुकान के सामने वाहन खड़े करने पर एतराज जताते हैं, ऐसे में अक्सर सड़क किनारे ही वाहन खड़े करने पड़ते हैं। यहां पुलिस की निगाह रहती है। झट से चालान कट जाता है और बाद में इसकी सूचना पहुंचती है। नगर में ज्यादातर दुकानों पर वाहन पार्किंग की सुविधा नहीं है। होटल, मार्ट, लॉन सहित अन्य बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों ने भी पार्किंग की व्यवस्था नहीं की है। ऐसे में खामियाजा वाहन स्वामियों को भुगतना पड़ रहा है। गलत पार्किंग के लिए चालान के शिकार हुए लोग बाजार में आने से भी कतराने लगे हैं। उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा का कहना है कि कार्रवाई से पहले पुलिस को पार्किंग स्थल चिह्नित करने चाहिए। जब पार्किंग की सुविधा ही नहीं है तो लोग वाहन कहां खड़े करेंगे। इस कार्रवाई के चलते व्यापार पर भी असर पड़ने लगा है।
25 हजार लोगों पर चार लाख का जुर्माना
आंकड़ों पर गौर करें तो जनवरी से नवंबर तक जिले में गलत पार्किंग के कारण 25506 वाहनों का चालान हुआ है। इन पर 4.22 लाख रुपये का शमन शुल्क लगाया गया है। इसमें से 3366 वाहनों का चालान सिर्फ नवंबर माह में ही किया गया है।
विज्ञापन
सभी बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, होटल, लॉन आदि को पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। फिर से उन्हें नोटिस देकर यह व्यवस्था कराई जाएगी। चालान का मकसद किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है। -अविनाश सिंह, यातायात प्रभारी।
विज्ञापन
बात चाहे नगर पालिका क्षेत्र की हो या जिले की अन्य निकायों और प्रमुख कस्बों की। कहीं भी सार्वजनिक पार्किंग का इंतजाम नहीं है। वाहन स्वामी को अपनी सुविधा के अनुसार ही वाहन खड़ा करना पड़ता है। लोग अपने घर और दुकान के सामने वाहन खड़े करने पर एतराज जताते हैं, ऐसे में अक्सर सड़क किनारे ही वाहन खड़े करने पड़ते हैं। यहां पुलिस की निगाह रहती है। झट से चालान कट जाता है और बाद में इसकी सूचना पहुंचती है। नगर में ज्यादातर दुकानों पर वाहन पार्किंग की सुविधा नहीं है। होटल, मार्ट, लॉन सहित अन्य बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों ने भी पार्किंग की व्यवस्था नहीं की है। ऐसे में खामियाजा वाहन स्वामियों को भुगतना पड़ रहा है। गलत पार्किंग के लिए चालान के शिकार हुए लोग बाजार में आने से भी कतराने लगे हैं। उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा का कहना है कि कार्रवाई से पहले पुलिस को पार्किंग स्थल चिह्नित करने चाहिए। जब पार्किंग की सुविधा ही नहीं है तो लोग वाहन कहां खड़े करेंगे। इस कार्रवाई के चलते व्यापार पर भी असर पड़ने लगा है।
विज्ञापन
25 हजार लोगों पर चार लाख का जुर्माना
आंकड़ों पर गौर करें तो जनवरी से नवंबर तक जिले में गलत पार्किंग के कारण 25506 वाहनों का चालान हुआ है। इन पर 4.22 लाख रुपये का शमन शुल्क लगाया गया है। इसमें से 3366 वाहनों का चालान सिर्फ नवंबर माह में ही किया गया है।
विज्ञापन
सभी बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, होटल, लॉन आदि को पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। फिर से उन्हें नोटिस देकर यह व्यवस्था कराई जाएगी। चालान का मकसद किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है। -अविनाश सिंह, यातायात प्रभारी।

सिरोही। सिरोही जिला कलेक्टर से गरासिया समाज विकास सेवा समिति प्रतिनिधिमंडल, मेडिकल कॉलेज स्टूडे