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Sonebhadra News: फूल से भी कोमल, पाहन से सख्त थे...

Fri, 25 Sep 2026 11:29 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 25 Sep 2026 11:29 PM IST
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Softer than a flower, yet harder than stone...
साहित्य दीप संस्थान के तत्वावधान में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के उपलक्ष्य में शुक्रवार शाम अधिवक्ता भवन कचहरी में काव्य संध्या का आयोजन किया गया। इसमें कवियों ने देशभक्ति, ओज, हास्य-व्यंग्य और समसामयिक विषयों पर आधारित रचनाएं सुनाकर माहौल को रससिक्त कर दिया। कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से पंडित दीनदयाल उपाध्याय को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ गीतकार ईश्वर विरागी ने की। मुख्य अतिथि कमलेश सिंह खांबे और विशिष्ट अतिथि अजय चतुर्वेदी कक्का ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण किया। इसके बाद सुधाकर पांडेय स्वदेश प्रेम ने वाणी वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
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संचालन कर रहे शहीद स्थल करारी के प्रमुख प्रद्युम्न त्रिपाठी एडवोकेट ने अपनी रचना की पंक्तियां - फूल से भी कोमल, पाहन से सख्त थे, अंत:करण विशुद्ध था, भारत के भक्त थे। देते रहे वे आहुति इस हवन कुंड में, शेखर, सुभाष, बिस्मिल, भगत सिंह के रक्त थे... सुनाकर खूब सराहना बटोरी। सुधाकर पांडेय स्वदेश प्रेम ने - तिरंगे में सजे अर्थी, बजे धुन राष्ट्रगीतों की, जनाजा जब मेरा निकले, वतन के वास्ते निकले... सुनाकर राष्ट्रभक्ति का भाव जगाया। शायर अशोक तिवारी एडवोकेट ने इतनी भी नादानी न हो, उनको परेशानी न हो... सुनाकर अपनी गंभीर शायरी से श्रोताओं को प्रभावित किया।
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सोन साहित्य संगम के राकेश शरण मिश्र एडवोकेट ने अपनी कविता के माध्यम से श्रद्धासुमन अर्पित किया। ओज कवि प्रभात सिंह चंदेल ने - देश की संसद जश्न मनाती, वीर लड़ रहे सीमा पर... सुनाकर समसामयिक विषयों को रचना में पिरोया। कवि दिवाकर द्विवेदी मेघ ने हास्य-व्यंग्य के तीखे कटाक्षों के साथ महंगाई और बेरोजगारी से जुड़ी रचनाएं सुनाकर श्रोताओं को गुदगुदाया।
मुख्य अतिथि कमलेश सिंह खांबे ने दरिद्र नारायण और अंत्योदय के पोषक पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों पर प्रकाश डाला। अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ गीतकार ईश्वर विरागी ने - जब तलक है रक्त की एक बूंद तन में, ऐ हिंद हम तुझको कभी झुकने न देंगे... सुनाकर माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।

इस अवसर पर विवेक चतुर्वेदी, मदन चौबे एडवोकेट, दयानंद दयालू, सुशील मिश्रा और सोन संगीत फाउंडेशन के प्रमुख ने भी काव्य पाठ किया। कार्यक्रम में जयशंकर त्रिपाठी एडवोकेट, देवानंद पांडेय एडवोकेट, त्रिपुरारी मिश्रा एडवोकेट, ऋषभ त्रिपाठी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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