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72 घंटे बाद भी नहीं खोजे जा सके लापता ग्रामीण
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सिंगरौली। राख बांध टूटने के कारण मलबे की चपेट में आकर लापता चार ग्रामीणों में से एक महिला का शव घटना के 72 घंटे बाद सोमवार की शाम मिला। लापता लोगों की तलाश के लिए सुबह से ही 11 अलग-अलग टीमें पांच से सात किलोमीटर के दायरे में फैले राख व पानी में ड्रोन कैमरे के सहारे अपनी जान जोखिम में डालकर जुटीं रहीं। इस बीच सोमवार को शाम को गोबइया नाले के समीप मलबे में दबा एक महिला चुनकुमारी (30) पत्नी भैयराम साह का शव बरामद हुआ। तीन अन्य लोगों की तलाश अब भी जारी है।
ज्ञात हो, शुक्रवार को शाम करीब पांच बजे रिलायंस सासन पावर का ऐश डाइक (राख बांध) टूटने के बाद भारी तबाही हुई है। इस हादसे में जहां दो लोगों की जान चली गई, वहीं चार लोग लापता थे। सैकड़ों एकड़ खेत में खड़ी, खलिहान में रखी फसलें व कई मकान राखड़ के सैलाब में बह गए। इस हादसे के बाद सिद्धीकला, सिद्धीखुर्द, शिवपहड़ी, हर्रहवा समेत आस-पास गांव के लोग खौफजदा हैं, वहीं प्रशासन लापता लोगों की तलाश राखड़ के ढेर को हटवा कर करा रहा है। तलाशी अभियान में एनडीआरएफ समेत 11 पुलिस टीमों के करीब चार सौ जवान जुटे हुए हैं वहीं अलग-अलग स्थानों पर ड्रोन कैमरों से भी लापता लोगों की तलाश कराई जा रही है। इस बीच घटना के 72 घंटे बाद सोमवार को शाम को बांध से करीब 100 मीटर दूर राख के ढेर में दबी पोकलेन मशीन तो मिली ही, साथ ही गोबइया नाले के समीप मलबे में दबा एक महिला चुनकुमारी (30) पत्नी भैयराम साह का शव भी बरामद हुआ।
सिंगरौली कलेक्टर केवीएस चौधरी ने बताया कि पूरे दिन पुलिस एवं प्रशासन की टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटी रहीं। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों ने बांध निर्माण की गुणवत्ता की परख के लिए सैंपल जांच के लिए लिया है। अपर कलेक्टर ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। रिलायंस पावर के सीईओ को नोटिस भेजकर तीन दिन के अंदर जवाब मांगा गया है।
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एसपी टीके विद्यार्थी ने बताया कि एनडीआरएफ समेत कुल 11 टीमें लापता ग्रामीणों की खोज में जुटी हुई हैं। सोमवार को एक महिला का शव मिला है। अन्य लापता लोगों की तलाश के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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ज्ञात हो, शुक्रवार को शाम करीब पांच बजे रिलायंस सासन पावर का ऐश डाइक (राख बांध) टूटने के बाद भारी तबाही हुई है। इस हादसे में जहां दो लोगों की जान चली गई, वहीं चार लोग लापता थे। सैकड़ों एकड़ खेत में खड़ी, खलिहान में रखी फसलें व कई मकान राखड़ के सैलाब में बह गए। इस हादसे के बाद सिद्धीकला, सिद्धीखुर्द, शिवपहड़ी, हर्रहवा समेत आस-पास गांव के लोग खौफजदा हैं, वहीं प्रशासन लापता लोगों की तलाश राखड़ के ढेर को हटवा कर करा रहा है। तलाशी अभियान में एनडीआरएफ समेत 11 पुलिस टीमों के करीब चार सौ जवान जुटे हुए हैं वहीं अलग-अलग स्थानों पर ड्रोन कैमरों से भी लापता लोगों की तलाश कराई जा रही है। इस बीच घटना के 72 घंटे बाद सोमवार को शाम को बांध से करीब 100 मीटर दूर राख के ढेर में दबी पोकलेन मशीन तो मिली ही, साथ ही गोबइया नाले के समीप मलबे में दबा एक महिला चुनकुमारी (30) पत्नी भैयराम साह का शव भी बरामद हुआ।
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सिंगरौली कलेक्टर केवीएस चौधरी ने बताया कि पूरे दिन पुलिस एवं प्रशासन की टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटी रहीं। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों ने बांध निर्माण की गुणवत्ता की परख के लिए सैंपल जांच के लिए लिया है। अपर कलेक्टर ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। रिलायंस पावर के सीईओ को नोटिस भेजकर तीन दिन के अंदर जवाब मांगा गया है।
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एसपी टीके विद्यार्थी ने बताया कि एनडीआरएफ समेत कुल 11 टीमें लापता ग्रामीणों की खोज में जुटी हुई हैं। सोमवार को एक महिला का शव मिला है। अन्य लापता लोगों की तलाश के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।