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Sonebhadra News: जिले में तैयार होंगे खनन पेशेवर, होगी माइनिंग इंजीनियरिंग की पढ़ाई

Sun, 04 Jun 2023 12:35 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 04 Jun 2023 12:35 AM IST
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Mining professionals will be prepared in the district, mining engineering will be studied
सोनभद्र। प्रचुर खनिज संपदा से भरे जिले में अब खनन पेशेवर भी तैयार होंगे। राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज सोनभद्र में इसी सत्र से माइनिंग इंजीनियरिंग (खनन अभियंत्रण) की पढ़ाई शुरू होगी। पहले सत्र में 30 सीटों पर दाखिले की मंजूरी मिल गई है। कॉलेज प्रशासन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। यह प्रदेश का पहला राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज होगा, जहां माइनिंग इंजीनियरिंग का पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है।
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जिले की मिट्टी में कोयला, बालू, गिट्टी, यूरेनियम सहित कई तरह के खनिज पदार्थ मिल चुके हैं। हाल ही में स्वर्ण धातु का भंडार होने की भी पुष्टि हुई है। अन्य खनिजों की भी खोज चल रही है। खनिज पदार्थों पर आधारित सार्वजनिक व निजी क्षेत्र की कई परियोजनाएं यहां स्थापित हैं। इन परियोजनाओं में बड़ी संख्या में खनन पेशेवरों की जरूरत है। स्थानीय युवाओं के लिए इसमें रोजगार की पर्याप्त संभावनाएं भी हैं, लेकिन विशेषज्ञता के अभाव में इसका लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा। माइनिंग इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए आसपास कोई शिक्षण संस्थान नहीं है। ऐसे में वह दूसरे प्रदेशों में जाने या अपनी रुचि बदलने को मजबूर होते हैं। इन युवाओं को स्थानीय जरूरत के अनुसार दक्ष बनाने के लिए राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज ने माइनिंग इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है। कुछ माह पहले इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया था, जिसे मंजूरी मिल गई है। फिलहाल 30 सीटों पर दाखिला लेकर पढ़ाई शुरू कराई जाएगी। आगे इसमें सीटों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी। नए पाठ्यक्रम के लिए कॉलेज में जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं।
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रोजगार की भरपूर संभावनाएं
जिले में खनिज संपदा की भरमार है। इन खनिजों को निकालने में सबसे अहम भूमिका ट्रेंड माइनिंग इंजीनियर्स की होती है। ऐसे इंजीनियर्स की आज भी भारी कमी है। यही कारण है कि इस क्षेत्र में हमेशा विशेषज्ञों की मांग बनी रही है। माइनिंग इंजीनियर गहरी खानों से खनिज को वैज्ञानिक तौर तरीकों से निकालने, एकत्रण, प्रसंस्करण और शुद्ध करने का कार्य करते हैं। माइनिंग इंजीनियरिंग के तहत पर्यावरण के अनुकूल तकनीक से पृथ्वी के अंदर मौजूद खनिजों का खनन और शोध किया जाता है। इस क्षेत्र में युवाओं के लिए अवसर की कमी नहीं है।
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मप्र सरकार ने खोला है माइनिंग कॉलेज
वैज्ञानिक तरीकों से खनन को बढ़ावा देने में विशेषज्ञों की कमी को दूर करने के लिए हाल ही में मप्र सरकार ने सिंगरौली में माइनिंग कॉलेज खोलने की प्रक्रिया शुरू की है। कुछ माह पहले ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसका उद्घाटन भी किया था। अब सोनभद्र के इंजीनियरिंग कॉलेज में पाठ्यक्रम शुरू होने से स्थानीय युवाओं के लिए इस कोर्स में पढ़ाई कर रोजगार पाने की संभावना बढ़ेगी।

कॉलेज में इसी सत्र से माइनिंग इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू की जाएगी। इसकी मंजूरी मिल चुकी है। यह पाठ्यक्रम लागू करने वाला सोनभद्र प्रदेश का पहला राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज होगा। स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार यह कोर्स युवाओं के लिए बेहद अनुकूल होगा। - प्रो. जीएस तोमर, निदेशक, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज।
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