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एंबुलेंस सेवा में हुई गड़बड़ी की जांच हुई पूरी, सीएमओ को सौंपी रिपोर्ट
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सूबे के विभिन्न जिलों में 102 एंबुलेंस की सेवा में गड़बड़ी की जांच पूरी हो गई है। एसीएमओ डॉ. रामकुंवर और डीपीएम ने जिम्मेदारों से एंबंलेंसों के फेरों की रिकार्ड तलब कर उसका सत्यापन करने के बाद रिपोर्ट सीएमओ को सौंपा। सीएमओ डॉ. रमेश सिंह ठाकुर ने जांच रिपोर्ट विभागीय विंध्याचल मंडल मिर्जापुर के एडी को रिपोर्ट भेज दिया है। शासन स्तर से रिपोर्ट का अवलोकन कर निर्णय लिया जाएगा।
बता दें कि कुछ माह पूर्व राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक अपर्णा उपाध्याय के निर्देश के बाद सीएमओ डॉ. रमेश सिंह ठाकुर ने घर से मरीजों को अस्पताल ले जाने में की गई गड़बड़ी की जांच के लिए एसीएमओ अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. रामकुंवर की अगुवाई में दो सदस्यीय टीम गठित की थी। जांच अधिकारी ने कई मरीजों के घर जाकर उनके पूछताछ की। बता दें कि शासन से जिस कंपनी को एंबुलेंस सेवा का कार्य मिला है, उसने एंबुलेंस के फेरे में वर्ष 2021 अप्रैल की तुलना में वर्ष 2022 अप्रैल में करीब 50 प्रतिशत अधिक फेरे अपने रिकार्ड में अधिक दर्ज किया है। स्वास्थ्य निदेशालय ने रिकार्ड की जांच में गड़बड़ी पकड़ी और पाया कि 50 जिलों में फेरों में हेराफेरी की गई है। इसमें सोनभद्र जिला भी शमिल है। सीएमओ डॉ. आरएस ठाकुर ने बताया कि एसीएमओ और डीपीएम ने जांच पूरी कर रिपोर्ट दे दी है। उक्त रिपोर्ट एडी को भेज दी गई है। शासन स्तर से रिपोर्ट का अवलोकन कर निर्णय लिया जाएगा।
कई एंबुलेंसों की हालत दयनीय
देश के आकांक्षी जिलों में शामिल नक्सल प्रभावित सोनभद्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रयास जारी है। वर्तमान में जिले में चल रही करीब 102 और 108 नंबर की 46 एंबुलेंसों में से कई एंबुलेंस दयनीय स्थिति में है। हालांकि पिछले कुछ माह पूर्व शासन स्तर से 108 नंबर की दस नई एंबुलेंस मिलने और पुराने उतने ही एंबुलेंसों के चले जाने से काफी राहत मिली है। आने वाले दिनों में 102 नंबर की दस एंबुलेंस नई मिलने की उम्मीद है। नई एंबुलेंस मिलने पर उतने ही खराब एंबुलेंस चली जाएगी। एंबुलेंस प्रभारी आशीष सिंह का कहना है कि जिले में एंबुलेंसों के फेरों में कोई गड़बड़ी नहीं की गई है। जांच अधिकारी ने जो भी पत्रावली मांगी थी, उपलब्ध करा दिया गया था।
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बता दें कि कुछ माह पूर्व राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक अपर्णा उपाध्याय के निर्देश के बाद सीएमओ डॉ. रमेश सिंह ठाकुर ने घर से मरीजों को अस्पताल ले जाने में की गई गड़बड़ी की जांच के लिए एसीएमओ अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. रामकुंवर की अगुवाई में दो सदस्यीय टीम गठित की थी। जांच अधिकारी ने कई मरीजों के घर जाकर उनके पूछताछ की। बता दें कि शासन से जिस कंपनी को एंबुलेंस सेवा का कार्य मिला है, उसने एंबुलेंस के फेरे में वर्ष 2021 अप्रैल की तुलना में वर्ष 2022 अप्रैल में करीब 50 प्रतिशत अधिक फेरे अपने रिकार्ड में अधिक दर्ज किया है। स्वास्थ्य निदेशालय ने रिकार्ड की जांच में गड़बड़ी पकड़ी और पाया कि 50 जिलों में फेरों में हेराफेरी की गई है। इसमें सोनभद्र जिला भी शमिल है। सीएमओ डॉ. आरएस ठाकुर ने बताया कि एसीएमओ और डीपीएम ने जांच पूरी कर रिपोर्ट दे दी है। उक्त रिपोर्ट एडी को भेज दी गई है। शासन स्तर से रिपोर्ट का अवलोकन कर निर्णय लिया जाएगा।
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कई एंबुलेंसों की हालत दयनीय
देश के आकांक्षी जिलों में शामिल नक्सल प्रभावित सोनभद्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रयास जारी है। वर्तमान में जिले में चल रही करीब 102 और 108 नंबर की 46 एंबुलेंसों में से कई एंबुलेंस दयनीय स्थिति में है। हालांकि पिछले कुछ माह पूर्व शासन स्तर से 108 नंबर की दस नई एंबुलेंस मिलने और पुराने उतने ही एंबुलेंसों के चले जाने से काफी राहत मिली है। आने वाले दिनों में 102 नंबर की दस एंबुलेंस नई मिलने की उम्मीद है। नई एंबुलेंस मिलने पर उतने ही खराब एंबुलेंस चली जाएगी। एंबुलेंस प्रभारी आशीष सिंह का कहना है कि जिले में एंबुलेंसों के फेरों में कोई गड़बड़ी नहीं की गई है। जांच अधिकारी ने जो भी पत्रावली मांगी थी, उपलब्ध करा दिया गया था।
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