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दस दिनों में 10 हजार मेगावाट कम हो गई बिजली की मांग
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प्रदेश में जारी आंधी-पानी के कारण गर्मी का प्रकोप कम होते ही बिजली की मांग में भारी गिरावट दर्ज की गई है। तापमान में कमी के कारण पिछले 10 दिनों में बिजली की मांग में 10 हजार मेगावाट से अधिक की कमी दर्ज की गई है।
मई माह में ही पिछला सभी रिकार्ड ध्वस्त करते हुए सूबे में बिजली की मांग 25 हजार मेगावाट पार करते हुए 25435 मेगावाट के स्तर पर पहुंच गई थी। लगातार दो दिनों तक बिजली की मांग 25 हजार मेगावाट से अधिक बनी रही। उसके बाद पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण बिजली की मांग में उतरोत्तर कमी आने लगी। पिछले तीन दिनों से जारी आंधी-पानी के कारण मंगलवार सुबह सूबे में बिजली की अधिकतम मांग 15072 मेगावाट दर्ज की गई। इस दौरान न्यूनतम मांग भी 13173 मेगावाट रही। मंगलवार को भी दिन भर आसमान में बादल उमड़-घुमड़ करते रहे। इससे तपिश कम रही। ऐसे में बिजली की मांग स्थिर रहने की संभावना जताई जा रही है।
मांग में कमी के बाद भी फुल लोड पर चलीं इकाइयां
बिजली की मांग में कमी के कारण पिछले तीन दिनों से लगातार थर्मल बैकिंग का सामना कर रहीं इकाइयों को मंगलवार को थर्मल बैकिंग से राहत मिली। बिजली की मांग में कमी के बावजूद ऊर्जांचल स्थित इकाइयों को फुल लोड पर चलाया गया। मंगलवार को अनपरा ए से 517, बी से 899, डी से 939, ओबरा बी से 609 व निजी क्षेत्र की लैंको परियोजना से 908 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया गया। हालांकि मांग में कमी के कारण हरदुआगंज ई को छोड़कर वहां की सभी इकाइयों को बंद करा दिया गया है। इस दौरान रिहंद हाइड्रो की भी चार टरबाइनों से 180 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा रहा था।
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मई माह में ही पिछला सभी रिकार्ड ध्वस्त करते हुए सूबे में बिजली की मांग 25 हजार मेगावाट पार करते हुए 25435 मेगावाट के स्तर पर पहुंच गई थी। लगातार दो दिनों तक बिजली की मांग 25 हजार मेगावाट से अधिक बनी रही। उसके बाद पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण बिजली की मांग में उतरोत्तर कमी आने लगी। पिछले तीन दिनों से जारी आंधी-पानी के कारण मंगलवार सुबह सूबे में बिजली की अधिकतम मांग 15072 मेगावाट दर्ज की गई। इस दौरान न्यूनतम मांग भी 13173 मेगावाट रही। मंगलवार को भी दिन भर आसमान में बादल उमड़-घुमड़ करते रहे। इससे तपिश कम रही। ऐसे में बिजली की मांग स्थिर रहने की संभावना जताई जा रही है।
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मांग में कमी के बाद भी फुल लोड पर चलीं इकाइयां
बिजली की मांग में कमी के कारण पिछले तीन दिनों से लगातार थर्मल बैकिंग का सामना कर रहीं इकाइयों को मंगलवार को थर्मल बैकिंग से राहत मिली। बिजली की मांग में कमी के बावजूद ऊर्जांचल स्थित इकाइयों को फुल लोड पर चलाया गया। मंगलवार को अनपरा ए से 517, बी से 899, डी से 939, ओबरा बी से 609 व निजी क्षेत्र की लैंको परियोजना से 908 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया गया। हालांकि मांग में कमी के कारण हरदुआगंज ई को छोड़कर वहां की सभी इकाइयों को बंद करा दिया गया है। इस दौरान रिहंद हाइड्रो की भी चार टरबाइनों से 180 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा रहा था।
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