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डाक्टर साहब नहीं सुधरे तो रहिए कारवाई के लिए तैयार
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सोनभद्र। जिला संयुक्त चिकित्सालय में चिकित्सकों और कर्मचारियों की मनमानी भारी पड़ सकती है। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को परखने के लिए स्वास्थ्य मंत्री अब खुद फोन के माध्यम से मरीजों से बातचीत कर उन्हें मिली सुविधाओं की जानकारी लेंगे।
जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था बेपटरी हो गई है। जिला अस्पताल हो या सीएचसी-पीएचसी आये दिन मरीजों के उपचार में लापरवाही सामने आती रही है। अस्पताल आने वाले मरीजों को बाहर से जांच के साथ ही महंगी दवाएं लिखी जा रही हैं। सुविधा शुल्क भी लिया जा रहा है। जिला संयुक्त चिकित्सालय में ही कुछ दिन पूर्व इमरजेंसी में एक चिकित्सक की ओर से पैसा मांगने को लेकर हंगामा हुआ था। हाल ही में ओपीडी में मेडिकल के लिए पैसा लेते वीडियो भी वायरल हुआ। पूर्व में एक गर्भवती से ऑपरेशन के नाम पर पैसा मांगते हुए आडियो क्लीप भी वायरल हुई थी। सभी मामलों की शिकायत जिला अस्पताल के सीएमएस तक पहुंची। मगर मामलों में कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों पर लापरवाही भारी पड़ सकती है। डॉक्टरों की मनमानी पर अंकुश लगाने और सुविधाओं की हकीकत जानने के लिए प्रदेश के उप मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक महीने में दो से तीन दिन फोन पर जिला अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों के मरीजों से उन्हें मिले उपचार की जानकारी लेंगे। उनकी शिकायत सुनकर सुझाव भी लेंगे। अस्पताल में दवाई और इलाज सही मिल रहा है या नहीं, इससे भी अवगत होंगे।
सीएमएस जिला अस्पताल डॉ. क्राति कुमार ने कहा कि शासन की ओर से फीडबैक लेने के लिए की गई पहल बहुत ही कारगर साबित होगी। इससे सुविधाएं व संसाधन भी बढ़ेंगे। जल्द ही जिला अस्पताल में मरीजों के मोबाइल नंबर भी पर्ची बनाते समय नोट होंगे।
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जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था बेपटरी हो गई है। जिला अस्पताल हो या सीएचसी-पीएचसी आये दिन मरीजों के उपचार में लापरवाही सामने आती रही है। अस्पताल आने वाले मरीजों को बाहर से जांच के साथ ही महंगी दवाएं लिखी जा रही हैं। सुविधा शुल्क भी लिया जा रहा है। जिला संयुक्त चिकित्सालय में ही कुछ दिन पूर्व इमरजेंसी में एक चिकित्सक की ओर से पैसा मांगने को लेकर हंगामा हुआ था। हाल ही में ओपीडी में मेडिकल के लिए पैसा लेते वीडियो भी वायरल हुआ। पूर्व में एक गर्भवती से ऑपरेशन के नाम पर पैसा मांगते हुए आडियो क्लीप भी वायरल हुई थी। सभी मामलों की शिकायत जिला अस्पताल के सीएमएस तक पहुंची। मगर मामलों में कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों पर लापरवाही भारी पड़ सकती है। डॉक्टरों की मनमानी पर अंकुश लगाने और सुविधाओं की हकीकत जानने के लिए प्रदेश के उप मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक महीने में दो से तीन दिन फोन पर जिला अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों के मरीजों से उन्हें मिले उपचार की जानकारी लेंगे। उनकी शिकायत सुनकर सुझाव भी लेंगे। अस्पताल में दवाई और इलाज सही मिल रहा है या नहीं, इससे भी अवगत होंगे।
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सीएमएस जिला अस्पताल डॉ. क्राति कुमार ने कहा कि शासन की ओर से फीडबैक लेने के लिए की गई पहल बहुत ही कारगर साबित होगी। इससे सुविधाएं व संसाधन भी बढ़ेंगे। जल्द ही जिला अस्पताल में मरीजों के मोबाइल नंबर भी पर्ची बनाते समय नोट होंगे।
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