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Sonebhadra News: बरात लेकर जा रहे थे, तभी मिला संदेश, ड्यूटी पर लौटने को तैयार रहो
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सीमा पर तनावपूर्ण स्थिति के बीच सभी सैन्य कर्मियों की छुट्टियां रद्द हो गई हैं। उन्हें तत्काल ड्यूटी पर आने के लिए कहा गया है। गुलालझरिया निवासी उमाशंकर यादव अपनी शादी की छुट्टी लेकर आए थे।
शुक्रवार की शाम वह बरात लेकर निकले थे, तभी उन्हें ड्यूटी पर लौटने की तैयारी का संदेश मिला। शनिवार को बरात लौटने के बाद वह इसकी तैयारी में जुट गए। अब उन्हें अगले संदेश का इंतजार है।
उमाशंकर यादव की तैनाती श्रीनगर में हैं। बताया कि जब छुट्टी पर आए तब माहौल शांत था। इसलिए कोई दिक्कत नहीं थी। शादी की सभी तैयारी शुरू हो गई थी। सभी रस्में भी धूमधाम से हुईं।
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शुक्रवार को जब घर से बरात लेकर जोरुखाड़ जा रहा था, तभी रास्ते में फोन आया था। शादी की बधाई देते हुए कहा गया कि ड्यूटी पर लौटने के लिए तैयार रहो, कभी भी बुलावा आ सकता है।
शादी की रस्में पूरी कर शनिवार को दुल्हन की विदाई कराकर घर लौटने के साथ ही उमाशंकर ड्यूटी पर जाने की तैयारी में जुट गए थे। हालांकि अभी उन्हें बुलाया नहीं गया है। उमाशंकर का कहना है कि किसी भी फौजी के लिए हर हाल में देश की सेवा सर्वोपरि है।
हमारी तैयारी पूरी है। संदेश मिलते ही रवाना हो जाएंगे। उनकी मां गीता देवी ने कहा कि बड़ा बेटा होने के नाते परिवार की भी जिम्मेदारी है, लेकिन देश की सेवा सबसे पहले है। युद्ध की खबरों पर बेटे को सुरक्षित रहने की बात कहती हूं, लेकिन वह मुझे ही सलामत से रहने को बोलता है।
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शुक्रवार की शाम वह बरात लेकर निकले थे, तभी उन्हें ड्यूटी पर लौटने की तैयारी का संदेश मिला। शनिवार को बरात लौटने के बाद वह इसकी तैयारी में जुट गए। अब उन्हें अगले संदेश का इंतजार है।
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उमाशंकर यादव की तैनाती श्रीनगर में हैं। बताया कि जब छुट्टी पर आए तब माहौल शांत था। इसलिए कोई दिक्कत नहीं थी। शादी की सभी तैयारी शुरू हो गई थी। सभी रस्में भी धूमधाम से हुईं।
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शुक्रवार को जब घर से बरात लेकर जोरुखाड़ जा रहा था, तभी रास्ते में फोन आया था। शादी की बधाई देते हुए कहा गया कि ड्यूटी पर लौटने के लिए तैयार रहो, कभी भी बुलावा आ सकता है।
शादी की रस्में पूरी कर शनिवार को दुल्हन की विदाई कराकर घर लौटने के साथ ही उमाशंकर ड्यूटी पर जाने की तैयारी में जुट गए थे। हालांकि अभी उन्हें बुलाया नहीं गया है। उमाशंकर का कहना है कि किसी भी फौजी के लिए हर हाल में देश की सेवा सर्वोपरि है।
हमारी तैयारी पूरी है। संदेश मिलते ही रवाना हो जाएंगे। उनकी मां गीता देवी ने कहा कि बड़ा बेटा होने के नाते परिवार की भी जिम्मेदारी है, लेकिन देश की सेवा सबसे पहले है। युद्ध की खबरों पर बेटे को सुरक्षित रहने की बात कहती हूं, लेकिन वह मुझे ही सलामत से रहने को बोलता है।