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दहेज हत्या: दोषी पति-सास को 7-7 वर्ष की कैद
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छह वर्ष पूर्व हुई शिवानी हत्याकांड के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय राहुल मिश्रा की अदालत ने दोषी पति और सास को सात-सात साल की कैद की सजा सुनाई है। उन पर 20-20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर एक-एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक म्योरपुर थाने में आठ अक्तूबर 2015 को दी तहरीर में चंदौली के सैयदराजा निवासी तारा देवी ने आरोप लगाया था कि उसने अपनी बेटी शिवानी की शादी दो वर्ष पूर्व म्योरपुर थाना क्षेत्र के करबा गांव निवासी राजन अग्रहरि के साथ की थी। शुरुआत से ससुराल वाले दहेज की मांग को लेकर बेटी को प्रताड़ित करने लगे। किसी तरह व्यवस्था करके एक लाख रुपये दिया। इसके बावजूद सात अक्तूबर की रात में बेटी शिवानी की हत्या कर दी गई। रात करीब 10 बजे फोन पर बेटी के फांसी लगाने की सूचना दी गई। तहरीर पर पुलिस ने पति राजन अग्रहरि, सास रीता देवी व देवर राजेश सिंह के विरुद्ध दहेज हत्या में एफआईआर दर्ज किया था। विवेचना के दौरान पर्याप्त सबूत पाए जाने पर विवेचक ने न्यायालय में पति व सास के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी पति राजन अग्रहरि व सास रीता देवी को सात-सात वर्ष की कैद और 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक-एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से अभियोजन अधिकारी विजय यादव ने बहस की।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक म्योरपुर थाने में आठ अक्तूबर 2015 को दी तहरीर में चंदौली के सैयदराजा निवासी तारा देवी ने आरोप लगाया था कि उसने अपनी बेटी शिवानी की शादी दो वर्ष पूर्व म्योरपुर थाना क्षेत्र के करबा गांव निवासी राजन अग्रहरि के साथ की थी। शुरुआत से ससुराल वाले दहेज की मांग को लेकर बेटी को प्रताड़ित करने लगे। किसी तरह व्यवस्था करके एक लाख रुपये दिया। इसके बावजूद सात अक्तूबर की रात में बेटी शिवानी की हत्या कर दी गई। रात करीब 10 बजे फोन पर बेटी के फांसी लगाने की सूचना दी गई। तहरीर पर पुलिस ने पति राजन अग्रहरि, सास रीता देवी व देवर राजेश सिंह के विरुद्ध दहेज हत्या में एफआईआर दर्ज किया था। विवेचना के दौरान पर्याप्त सबूत पाए जाने पर विवेचक ने न्यायालय में पति व सास के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी पति राजन अग्रहरि व सास रीता देवी को सात-सात वर्ष की कैद और 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक-एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से अभियोजन अधिकारी विजय यादव ने बहस की।
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