फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   How mining was taking place at the banned mine will be investigated: DGMS

प्रतिबंधित खदान पर कैसे हो रहा था खनन, जांच के बाद होगी : डीजीएमएस

Sun, 23 Nov 2025 12:59 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 23 Nov 2025 12:59 AM IST
विज्ञापन
How mining was taking place at the banned mine will be investigated: DGMS
ओबरा में खनन हादसा स्थल का निरीक्षण कर बाहर आते खान सुरक्षा उप महानिदेशक। स्रोत विभाग
ओबरा। बिल्ली मारकुंडी स्थित श्री कृष्णा माइनिंग वर्क्स की खदान में हुए हादसे की भारत सरकार के खान सुरक्षा निदेशालय ने भी जांच शुरू कर दी है। शनिवार को खान सुरक्षा के उप महानिदेशक (गाजियाबाद क्षेत्र) नीरज कुमार ने घटनास्थल पर पहुंचकर छानबीन की। उन्होंने कहा कि खदान में अवैध रूप से खनन हो रहा था। जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

उप महानिदेशक ने कहा कि खदान के नीचे वाले जो क्षेत्र खतरनाक हो चुके थे, वहां किसी तरह का खनन कार्य नहीं किया जा सकता था। माइंस एक्ट-1952 की धारा-22 (3) के तहत खदान में खनन पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बावजूद यहां खनन कराया जा रहा था। किन परिस्थितियों में और किसकी सह पर यहां खनन हो रहा था। इसकी पूरी रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी।
विज्ञापन

उन्होंने घटना के लिए खदान मालिकों को जिम्मेदार बताया। माइंस मैनेजर और माइंस मेट की गिरफ्तारी के सवाल पर कहा कि उन्हें दोनों के बयान दर्ज करने थे, मगर उनकी गिरफ्तारी की सूचना मिली है। अब न्यायालय के माध्यम से जरूरी प्रक्रिया की जाएगी। उप महानिदेशक ने कहा कि वह जांच के बाद पूरे घटनाक्रम से प्रदेश सरकार को भी अवगत कराएंगे। मानक से अधिक गहरी हो चुकी खदानों में खनन होने पर कहा कि इतनी गहराई तक जाकर खनन के लिए सुरक्षा मानकों, काम करने की पद्धतियों और कानूनी प्रावधानों में बदलाव लाने की जरूरत है। इस दौरान उनके साथ खान सुरक्षा निदेशक वाराणसी राजीव कृष्ण कुमार, उप निदेशक जीवन कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
पाबंदियों के दायरे में हैं कई अन्य खदानें
डीजीएमएस के उप महानिदेशक ने ओबरा-डाला क्षेत्र की अन्य खदानों में भी माइंस एक्ट की धारा-22 (3) के तहत पाबंदी लगे होने की जानकारी दी। कहा कि ऐसी कई अन्य खदानें भी इस क्षेत्र में हैं, जिनमें खनन की बजाय सिर्फ सुधारात्मक कार्य करने के निर्देश हैं। ऐसी खदानों की सूची तैयार कर प्रशासन को अवगत कराया जाएगा, ताकि उनकी सख्त निगरानी की जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed