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Sonebhadra News: कार्य में सुस्ती पर डीपीएम समेत 34 कर्मचारियों का रोका मानदेय
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स्वास्थ्य योजनाओं को लागू करने में लापरवाही पर हुई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनभद्र। जिले में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को लागू कराने में जिला स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) का रवैया काफी लापरवाह है। इस बीच इनके अधीन संचालित कई कार्यक्रमों की प्रगति बेहद खराब मिली है। इस पर सीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार ने डीपीएम समेत 34 कर्मचारियों के मानदेय पर रोक लगा दी है।
डीएम की अध्यक्षता में कुछ दिन पहले जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक हुई थी। जिसमें स्वास्थ्य विभाग के कई योजनाओं की प्रगति बेहद खराब मिली थी। इस क्रम में बुधवार को सीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य समिति के अन्तर्गत आने वाले सभी कार्यक्रमों की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा की।
जिसमें डीपीएम के साथ ही कई अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यों की प्रगति बेहद खराब मिली। जिस पर सीएमओ ने उनको चेतावनी देते हुए स्पष्टीकरण तलब किया। नाराज सीएमओ ने 34 अधिकारियों और कर्मियों के मानदेय पर रोक लगा दिया।
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जिसमें एनएचएम के प्रभारी एसीएमओ, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, एएमओ, टेली कंसलटेंसी के चिकित्साधिकारी, आरबीएसके के दो चिकित्सक शामिल हैं। वहीं, एफएलसी, एनसीडी, पीपीएम कार्यालय जिला क्षय रोग अधिकारी, कोआर्डिनेटर वेक्टर र्बान का मानदेय भी रोका गया है।
इसके साथ ही सीएचसी चोपन के बीपीएम, बैम और बीसीपीएम, सीएचसी घोरावल के बीसीपीएम, सीएचसी म्योरपुर के बीसीपीएम, ब्लॉक पीएचसी ककराही के बीसीपीएम के मानदेय पर रोक लगा दी। वहीं, पांच सीएचओ, 14 संविदा एएनएम, एक एलटी, एक स्टाफ नर्स का मानदेय रोका है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोनभद्र। जिले में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को लागू कराने में जिला स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) का रवैया काफी लापरवाह है। इस बीच इनके अधीन संचालित कई कार्यक्रमों की प्रगति बेहद खराब मिली है। इस पर सीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार ने डीपीएम समेत 34 कर्मचारियों के मानदेय पर रोक लगा दी है।
डीएम की अध्यक्षता में कुछ दिन पहले जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक हुई थी। जिसमें स्वास्थ्य विभाग के कई योजनाओं की प्रगति बेहद खराब मिली थी। इस क्रम में बुधवार को सीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य समिति के अन्तर्गत आने वाले सभी कार्यक्रमों की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा की।
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जिसमें डीपीएम के साथ ही कई अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यों की प्रगति बेहद खराब मिली। जिस पर सीएमओ ने उनको चेतावनी देते हुए स्पष्टीकरण तलब किया। नाराज सीएमओ ने 34 अधिकारियों और कर्मियों के मानदेय पर रोक लगा दिया।
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जिसमें एनएचएम के प्रभारी एसीएमओ, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, एएमओ, टेली कंसलटेंसी के चिकित्साधिकारी, आरबीएसके के दो चिकित्सक शामिल हैं। वहीं, एफएलसी, एनसीडी, पीपीएम कार्यालय जिला क्षय रोग अधिकारी, कोआर्डिनेटर वेक्टर र्बान का मानदेय भी रोका गया है।
इसके साथ ही सीएचसी चोपन के बीपीएम, बैम और बीसीपीएम, सीएचसी घोरावल के बीसीपीएम, सीएचसी म्योरपुर के बीसीपीएम, ब्लॉक पीएचसी ककराही के बीसीपीएम के मानदेय पर रोक लगा दी। वहीं, पांच सीएचओ, 14 संविदा एएनएम, एक एलटी, एक स्टाफ नर्स का मानदेय रोका है।