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होम आइसोलेशन मरीजों की नहीं ले रहे सुधि
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सोनभद्र। कोरोना के बढ़ते प्रसार को देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों की नियमित देखभाल करने के साथ ही करीब एक सप्ताह की दवा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। लेकिन जिले में स्वास्थ्य विभाग की टीम होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों की सुधि लेने में संबंधित लोग कोताही कर रहे हैं।
आलम यह है कि एक बार दवा लेने के बाद दोबारा कोई उनकी हाल चाल पूछने के लिए नही जा रहा है। इतना ही नहीं अधिकांश मरीजों या उनके परिजन के मोबाइल पर भी कॉल कर हाल चाल नही लिया जा रहा है। जबकि मुख्यमंत्री ने डीएम समेत अन्य अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि सभी कोरोना मरीजों को ऑक्सीजन और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता के साथ ही होम आइसोलेशन में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को मेडिकल किट की उपलब्धता सुनिश्चित कर तत्काल प्रभाव से उनको सभी सुविधाएं दी जाए। होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को कम से कम एक सप्ताह का मेडिकल किट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। आला अधिकारियों को 108 एंबुलेंस की आधी संख्या केवल कोविड के लिए डेडिकेटेड किए जाने के भी निर्देश जारी किए हैं। लेकिन जिले में कोरोना के तेजी से बढ़ते संक्रमण से व्यवस्था फेल होने लगी है। वर्तमान में जिले मे ढ़ाई हजार से अधिक कोरोना संक्रमित व्यक्ति होम आइसोलेसन में है। इन मरीजों को दवाए मुहैया करा दी गई है। लेकिन अधिकांश मरीजों के पास स्वास्थ विभाग की टीमें दोबारा हाल चाल पूछने के लिए भी नही गई है। शाहगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले एक मरीज का कहना है कि उनकी 17 अप्रैल को कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव आई थी। अगले दिन स्वास्थ विभाग की टीम आकर दवाएं दी। लेकिन दोबारा कोई उन्हे देखने नही आया। इसी तरह के कई मरीजों के शिकयत है। इस संबंध मे मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. नेम सिंह का कहना है कि कोरोना के गंभीर मरीजों को भर्ती कराया जा रहा है। होम आइसोलेशन के मरीजों को मेडिकल किट मुहैया कराने के साथ ही देखभाल भी किया जा रहा है।
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आलम यह है कि एक बार दवा लेने के बाद दोबारा कोई उनकी हाल चाल पूछने के लिए नही जा रहा है। इतना ही नहीं अधिकांश मरीजों या उनके परिजन के मोबाइल पर भी कॉल कर हाल चाल नही लिया जा रहा है। जबकि मुख्यमंत्री ने डीएम समेत अन्य अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि सभी कोरोना मरीजों को ऑक्सीजन और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता के साथ ही होम आइसोलेशन में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को मेडिकल किट की उपलब्धता सुनिश्चित कर तत्काल प्रभाव से उनको सभी सुविधाएं दी जाए। होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को कम से कम एक सप्ताह का मेडिकल किट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। आला अधिकारियों को 108 एंबुलेंस की आधी संख्या केवल कोविड के लिए डेडिकेटेड किए जाने के भी निर्देश जारी किए हैं। लेकिन जिले में कोरोना के तेजी से बढ़ते संक्रमण से व्यवस्था फेल होने लगी है। वर्तमान में जिले मे ढ़ाई हजार से अधिक कोरोना संक्रमित व्यक्ति होम आइसोलेसन में है। इन मरीजों को दवाए मुहैया करा दी गई है। लेकिन अधिकांश मरीजों के पास स्वास्थ विभाग की टीमें दोबारा हाल चाल पूछने के लिए भी नही गई है। शाहगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले एक मरीज का कहना है कि उनकी 17 अप्रैल को कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव आई थी। अगले दिन स्वास्थ विभाग की टीम आकर दवाएं दी। लेकिन दोबारा कोई उन्हे देखने नही आया। इसी तरह के कई मरीजों के शिकयत है। इस संबंध मे मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. नेम सिंह का कहना है कि कोरोना के गंभीर मरीजों को भर्ती कराया जा रहा है। होम आइसोलेशन के मरीजों को मेडिकल किट मुहैया कराने के साथ ही देखभाल भी किया जा रहा है।
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