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Sonebhadra News: 1530 स्थानों पर सजाई गई होलिका, कल मनेगी होली
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दारोगा जी गली में सजी होलिका। संवाद
- फोटो : संवाद
सोनभद्र। चंद्रग्रहण के चलते इस बार होलिका दहन के समय को लेकर असमंजस बना रहा। जिले में कुल 1530 स्थानों पर होलिका स्थापित की गई है। इसे सोमवार की देर रात तक अंतिम रूप देने में लोग जुटे रहे। आधी रात के बाद होलिका दहन की तैयारी थी। होली बुधवार को मनाई जाएगी।
नगर में कई स्थानों पर उपली, लकड़ी को एकत्रित कर होलिका को भव्य रूप दिया गया है तो कहीं कटे पेड़ों की टहनियां एकत्रित की गई हैं। होलिका में डाले जाने वाले नई फसलें एवं गाय के गोबर की उपली बनाते हुए महिलाएं देखी गईं।
जिला मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज नगर में 23 से अधिक स्थानों पर होलिका सजाई गई है। नगर स्थित पशु अस्पताल के पास चौराहा पर और दीपनगर तिराहा पर आदर्श होलिका सजाई गई है। दोनों जगह अरंड (रेड़) का पेड़ गाड़ने के बाद उसे उपली और सूखी लकड़ी से भव्य रूप दिया गया है। इसके बाद रक्षासूत्र से होलिका को बांधा गया है।
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दिन में महिलाएं होलिका की पूजन की और होलिका में आहार के रूप में डालने में लिए गाय के गोबर की उपली तैयार की। माला पिरोने के पूर्व मारवाड़ी समाज की महिलाओं ने पूजन अर्चन भी किया।
पुलिस प्रशासन की तरफ से होलिका दहन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए हैं। आचार्य संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि तीन मार्च को चंद्रग्रहण और पूर्णिमा होने के कारण सर्वत्र होली चैत्र प्रतिपदा चार मार्च बुधवार को होली मनाई जाएगी।
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नगर में कई स्थानों पर उपली, लकड़ी को एकत्रित कर होलिका को भव्य रूप दिया गया है तो कहीं कटे पेड़ों की टहनियां एकत्रित की गई हैं। होलिका में डाले जाने वाले नई फसलें एवं गाय के गोबर की उपली बनाते हुए महिलाएं देखी गईं।
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जिला मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज नगर में 23 से अधिक स्थानों पर होलिका सजाई गई है। नगर स्थित पशु अस्पताल के पास चौराहा पर और दीपनगर तिराहा पर आदर्श होलिका सजाई गई है। दोनों जगह अरंड (रेड़) का पेड़ गाड़ने के बाद उसे उपली और सूखी लकड़ी से भव्य रूप दिया गया है। इसके बाद रक्षासूत्र से होलिका को बांधा गया है।
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दिन में महिलाएं होलिका की पूजन की और होलिका में आहार के रूप में डालने में लिए गाय के गोबर की उपली तैयार की। माला पिरोने के पूर्व मारवाड़ी समाज की महिलाओं ने पूजन अर्चन भी किया।
पुलिस प्रशासन की तरफ से होलिका दहन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए हैं। आचार्य संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि तीन मार्च को चंद्रग्रहण और पूर्णिमा होने के कारण सर्वत्र होली चैत्र प्रतिपदा चार मार्च बुधवार को होली मनाई जाएगी।