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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   Governor Anandiben Patel gave land rights to forest dwellers under Forest Rights Act in Sonbhadra

पूरा हुआ वर्षों का इंतजार: राज्यपाल ने वनवासियों को दी सौगात, भूमि का मालिकाना हक पाकर खिल उठे चेहरे

Thu, 19 Dec 2024 12:57 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र। Published by: प्रगति चंद Updated Thu, 19 Dec 2024 12:57 PM IST
सार

सोनभद्र के बभनी स्थित सेवाकुंज आश्रम में राज्यपाल ने वनाधिकार के तहत पट्टा वितरण किया। इस दौरान आदिवासी नृत्य करमा से वनवासियों ने राज्यपाल का स्वागत किया। 

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Governor Anandiben Patel gave land rights to forest dwellers under Forest Rights Act in Sonbhadra
राज्यपाल ने वनवासियों को दी सौगात - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दशकों से भूमि पर मालिकाना हक पाने की आस संजोए वनवासियों के लिए बृहस्पतिवार का दिन खुशियां लेकर आया। सूबे की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने वनाधिकार कानून के तहत उन्हें भौमिक अधिकार प्रदान किया। सेवाकुंज आश्रम चपकी में आयोजित भव्य समारोह के दौरान राज्यपाल ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पोषण किट और केंद्रों पर बच्चों के लिए खिलौने भी प्रदान किए।

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अपने दो दिवसीय भ्रमण के अंतिम दिन राज्यपाल सुबह सेवाकुंज आश्रम पहुंचीं। यहां वनवासियों ने आदिवासी लोकनृत्य करमा से उनका स्वागत किया। राज्यपाल ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के हाथों से निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने वनवासियों के शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष जोर दिया। इस मौके पर राज्यमंत्री समाज कल्याण संजीव सिंह गोंड, एससी-एसटी आयोग के उपाध्यक्ष जीत सिंह खरवार, पूर्व राज्यसभा सांसद रामशकल, डीएम बद्रीनाथ सिंह, एसपी अशोक कुमार, सेवाकुंज आश्रम के संगठन मंत्री आनंद आदि मौजूद रहे।

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राज्यपाल के हाथों इन्हें मिला वनाधिकार का पत्र

दुद्धी के सतबहनी की धनपतिया, रग्घू सिंह, फुलेसरी देवी, कलावती, राजकुमारी, राजबली, रॉबर्ट्सगंज के चौरा गांव के नारायण, पानमति, दामोदर, अवधेश, अनंत लाल शामिल रहे। पट्टे का प्रमाण पत्र पाने के बाद लाभार्थियों के चेहरे पर खुशी की चमक झलक रही थी। चौरा के दामोदर, अवधेश ने कहा कि कई पीढि़यों से वह जिस भूमि पर रहते आ रहे थे, उस पर उनका कोई अधिकार नहीं था। आए दिन वन विभाग के उत्पीड़न का शिकार होना पड़ता था। अब उन्हें किसी का भय नहीं रहेगा। वर्षों से इस दिन का इंतजार था।

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