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Sonebhadra News: खुद का भवन मिला फिर भी किराए के कमरे में चल रहा ड्रग वेयर हाउस
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जिले में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की उदासीनता के कारण राॅबर्ट्सगंज के रौप (लोढ़ी) में बने ड्रग वेयर हाउस का संचालन नहीं हो पा रहा है। चार माह पूर्व ही भवन तैयार हो चुका है। खुद का भवन होने के बाद भी किराए के रूप में लाखों खर्च किए जा रहा हैं।
जिला मुख्यालय स्थित जिला अस्पताल, एमसीएच विंग, एलटू अस्पताल, 10 सीएचसी, 42 से अधिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए अक्सर दवाओं की आपूर्ति में लेट-लतीफी होती है। कारण है कि जिला स्तर पर दवा की कमी होने पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से डिमांड भेजी जाती है, इसके बाद लखनऊ के ड्रग वेयर हाउस से आपूर्ति की जाती है।
इस प्रक्रिया में कई दिन तक लग जाते हैं। आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए विभाग सालों से चंडी तिराहे के पास किराए के भवन में ड्रग वेयर हाउस संचालित करता है। इसके संचालन और किराए पर लाखों खर्च होते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव पर जिले में ड्रग वेयर हाउस के निर्माण को शासन ने पूर्व में मंजूरी दी थी।
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इसके बाद रौप में 9.74 करोड़ से दो वर्ष पूर्व निर्माण शुरू हुआ था। कार्यदाई संस्था सीएनडीएस की ओर से अधूरी तैयारी के बीच चार माह पूर्व उसका उद्घाटन का दिया। हालांकि लखनऊ से पहुंची जांच टीम ने भवन का निरीक्षण किया। इसमें कई बिंदुओं पर खामी मिली। इसे ठीक कराने के निर्देश दिए गए। हालांकि अब तक यह बिल्डिंग हैंडओवर नहीं हो सकी है।
ड्रग वेयर हाउस बनने से जिले के सरकारी अस्पतालों को कम समय में दवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। भवन का कार्य पूरा हो गया है। जिसे हैंडओवर कराने की प्रक्रिया चल रही है। -डॉ. अश्वनी कुमार,सीएमओ।
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जिला मुख्यालय स्थित जिला अस्पताल, एमसीएच विंग, एलटू अस्पताल, 10 सीएचसी, 42 से अधिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए अक्सर दवाओं की आपूर्ति में लेट-लतीफी होती है। कारण है कि जिला स्तर पर दवा की कमी होने पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से डिमांड भेजी जाती है, इसके बाद लखनऊ के ड्रग वेयर हाउस से आपूर्ति की जाती है।
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इस प्रक्रिया में कई दिन तक लग जाते हैं। आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए विभाग सालों से चंडी तिराहे के पास किराए के भवन में ड्रग वेयर हाउस संचालित करता है। इसके संचालन और किराए पर लाखों खर्च होते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव पर जिले में ड्रग वेयर हाउस के निर्माण को शासन ने पूर्व में मंजूरी दी थी।
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इसके बाद रौप में 9.74 करोड़ से दो वर्ष पूर्व निर्माण शुरू हुआ था। कार्यदाई संस्था सीएनडीएस की ओर से अधूरी तैयारी के बीच चार माह पूर्व उसका उद्घाटन का दिया। हालांकि लखनऊ से पहुंची जांच टीम ने भवन का निरीक्षण किया। इसमें कई बिंदुओं पर खामी मिली। इसे ठीक कराने के निर्देश दिए गए। हालांकि अब तक यह बिल्डिंग हैंडओवर नहीं हो सकी है।
ड्रग वेयर हाउस बनने से जिले के सरकारी अस्पतालों को कम समय में दवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। भवन का कार्य पूरा हो गया है। जिसे हैंडओवर कराने की प्रक्रिया चल रही है। -डॉ. अश्वनी कुमार,सीएमओ।