{"_id":"63a34836b9414a55983d0996","slug":"got-land-for-five-homeopathic-hospitals-sonbhadra-news-vns6896636133","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonebhadra News: पांच होम्योपैथिक अस्पतालों के लिए मिली भूमि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonebhadra News: पांच होम्योपैथिक अस्पतालों के लिए मिली भूमि
विज्ञापन
सोनभद्र। जिले में संचालित पांच राजकीय होम्योपैथिक अस्पतालों को जल्द ही अपना भवन मिलने की उम्मीद है। शासन के निर्देश पर पांच अस्पतालों के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है। कई अन्य अस्पतालों के लिए भूमि का चयन अंतिम चरण में है।
जिले के अलग-अलग इलाकों में कुल 29 राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल संचालित हैं। इनमें सरंगा, मुबारकपुर, बंजरिया, मोकसिम, शिवद्वार, खजुरा और झारोकला के होम्योपैथिक अस्पताल के पास खुद का भवन है। अन्य 22 अस्पताल किराए के भवनों में संचालित हैं। उधार के भवनों में चल रहे होम्योपैथिक अस्पतालों के दिन अब बहुरने की उम्मीद है।
शासन के निर्देश पर जिले की चारों तहसीलों के एसडीएम लेखपालों की सहायता से 22 अस्पतालों के लिए भूमि चयन करा रहे हैं। इसी क्रम में ओबरा तहसील में चकरिया, बागेसोती व कोटा के अस्पताल के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है। वहीं टापू, जुगैल व ओबरा में अस्पताल के लिए भूमि चिन्हित करने के बाद मामला तहसील स्तर पर लंबित है। घोरावल तहसील में कन्हारी और सदर तहसील के चुर्क में भी होम्योपैथिक अस्पताल के लिए भूमि चयनित कर ली गई है। सभी जगहों पर उपलब्ध भूमि चार से आठ विश्वा तक है।
विज्ञापन
दुद्धी तहसील के करहिया में भी अस्पताल के लिए भूमि का चयन कर प्रस्ताव डीएम को भेजा गया है। ऐसे में लंबे इंतजार के बाद अब होम्योपैथिक अस्पतालों के लिए निजी भवन की उम्मीद जगी है। अस्पताल के पास निजी भवन होने से संसाधनों में बढ़ोतरी हो सकेगी। मरीजों के उपचार में बेहतरी आएगी। प्रत्येक अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 40 से 50 मरीजों का उपचार होता है। आने वाले समय में यहां योगा के साथ ही हर्बल गार्डेन सहित कई अन्य बदलाव की उम्मीद है।
शासन के निर्देश पर राजस्व विभाग की ओर से 22 होम्योपैथिक अस्पतालों के लिए भूमि का चयन किया जा रहा है। इसमें से पांच अस्पतालों के लिए भूमि मिल गई है। अन्य अस्पतालों के लिए भी जल्द ही भूमि मिलने की उम्मीद है। -डॉ. एसके सोनी, जिला होम्योपैथिक अधिकारी।
विज्ञापन
जिले के अलग-अलग इलाकों में कुल 29 राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल संचालित हैं। इनमें सरंगा, मुबारकपुर, बंजरिया, मोकसिम, शिवद्वार, खजुरा और झारोकला के होम्योपैथिक अस्पताल के पास खुद का भवन है। अन्य 22 अस्पताल किराए के भवनों में संचालित हैं। उधार के भवनों में चल रहे होम्योपैथिक अस्पतालों के दिन अब बहुरने की उम्मीद है।
विज्ञापन
शासन के निर्देश पर जिले की चारों तहसीलों के एसडीएम लेखपालों की सहायता से 22 अस्पतालों के लिए भूमि चयन करा रहे हैं। इसी क्रम में ओबरा तहसील में चकरिया, बागेसोती व कोटा के अस्पताल के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है। वहीं टापू, जुगैल व ओबरा में अस्पताल के लिए भूमि चिन्हित करने के बाद मामला तहसील स्तर पर लंबित है। घोरावल तहसील में कन्हारी और सदर तहसील के चुर्क में भी होम्योपैथिक अस्पताल के लिए भूमि चयनित कर ली गई है। सभी जगहों पर उपलब्ध भूमि चार से आठ विश्वा तक है।
विज्ञापन
दुद्धी तहसील के करहिया में भी अस्पताल के लिए भूमि का चयन कर प्रस्ताव डीएम को भेजा गया है। ऐसे में लंबे इंतजार के बाद अब होम्योपैथिक अस्पतालों के लिए निजी भवन की उम्मीद जगी है। अस्पताल के पास निजी भवन होने से संसाधनों में बढ़ोतरी हो सकेगी। मरीजों के उपचार में बेहतरी आएगी। प्रत्येक अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 40 से 50 मरीजों का उपचार होता है। आने वाले समय में यहां योगा के साथ ही हर्बल गार्डेन सहित कई अन्य बदलाव की उम्मीद है।
शासन के निर्देश पर राजस्व विभाग की ओर से 22 होम्योपैथिक अस्पतालों के लिए भूमि का चयन किया जा रहा है। इसमें से पांच अस्पतालों के लिए भूमि मिल गई है। अन्य अस्पतालों के लिए भी जल्द ही भूमि मिलने की उम्मीद है। -डॉ. एसके सोनी, जिला होम्योपैथिक अधिकारी।