सोनभद्रः फर्जी नियुक्ति मामले में बर्खास्त शिक्षिका पर एफआईआर, एसआईटी की जांच में मिला था फर्जीवाड़ा
फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने वाली शिक्षिका को दिसंबर 2020 में बर्खास्त कर दिया गया। अब इसी मामले मुकदमा भी दर्ज हो गया। शिक्षिका ममता कुमारी 2016 से फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी कर रही थी।
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फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने वाली सोनभद्र जिले एक शिक्षिका को बीते दिनों शिक्षा विभाग ने बर्खास्त कर दिया था। अब उसी मामले में खंड शिक्षा अधिकारी की तहरीर पर बुधवार को पन्नूगंज पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया है। चतरा ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी दिलीप कुमार ने पन्नूगंज पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर कहा है कि आरोपी शिक्षिका ममता कुमारी 2016 से फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी कर रही थी।
तैनाती प्राथमिक विद्यालय सथवल में सहायक अध्यापक के पद पर थी। बलिया जिले के शिवरी थाना भीमपुर निवासी ममता की शिकायत हुई थी। उसी आधार पर जांच कराई गई। जांच में पता चला कि इनके शैक्षिक प्रमाण पत्र फर्जी हैं। ऐसे में उन्हें दिसंबर 2020 में बर्खास्त कर दिया गया।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल के मुताबिक एसआईटी की जांच में फर्जीवाड़े की जानकारी हुई थी। ऐसे में शिक्षिका को उसी समय बर्खास्त कर दिया गया था। पन्नूगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक अभिनव वर्मा ने बताया कि शिक्षिका ममता के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है।
टीईटी का प्रमाणपत्र मिला था फर्जी
पन्नूगंज थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर में आरोप है कि शिक्षिका का शिक्षक पात्रता परीक्षा प्रमाणपत्र फर्जी था। तहरीर में खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया है कि जांच में पता चला कि जिस अनुक्रमांक का प्रमाणपत्र ममता ने लगाया गया है उस अनुक्रमांक पर कोई सुनीला यादव पुत्री रामअवध का नाम दर्ज है।
साथ ही प्रमाणपत्र में दर्शाया गया है कि 150 अंक की परीक्षा में 104 अंक मिले, लेकिन जांच में ऐसा कुछ भी नहीं मिला। पता चला कि जिस सुनीला का नाम दर्ज है उसे महज 36 अंक मिले थे। इस तरह से वह फेल थी।