विंढमगंज। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की तरफ से कनहर सिंचाई परियोजना से प्रभावित किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए शनिवार को दुद्धी ब्लॉक के सलैयाडीह गांव में चौपाल का आयोजन किया। जहां किसानों ने अपनी जमीन के बदले सरकारी दर का चार गुना मुआवजा मांगा। किसानों ने स्पष्ट किया कि मांग पूरी न होने पर वे अपनी जमीन किसी भी सूरत में नहीं देंगे। जन चौपाल में अधिशासी अभियंता दिलीप कुमार, अधीक्षण अभियंता एसएन पांडेय और मुख्य अभियंता नीरज कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। बैरियाखाड, हरनाकछार, सलैयाडीह और बुटबेढवा गांवों से गुजरने वाली नहर के लिए भूमि अधिग्रहण से जुड़ी समस्याएं उठाई गईं। किसान प्रदीप कुमार पासवान, सुग्रीम पासवान, विनोद कुमार और सरजू भुइयां समेत अन्य ने एक स्वर में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि छोटे काश्तकार किसानों को सरकारी दर का चार गुना मुआवजा मिलना चाहिए। वैकल्पिक रूप से, उन्हें जमीन के बदले कहीं और जमीन उपलब्ध कराई जाए। मुख्य अभियंता नीरज कुमार ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगें जायज हैं। उन्होंने कहा कि वे इन समस्याओं को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाकर पूरा करने का प्रयास करेंगे। वहीं घिवही के प्रधान प्रतिनिधि कृपाशंकर कुशवाहा ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि बैरियाखाड़ गांव में नहर विभाग के अधिकारियों की तरफ से अनियमितताएं बरती जा रही है। जमीन किसी और की है, लेकिन रजिस्ट्री कोई और व्यक्ति कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर कुछ लोगों की तरफ से किया जा रहा है, जो पूरी तरह गलत है। हरनाकछार ग्राम प्रधान प्रतिनिधि निरंजन सोनी ने मुआवजे के मुद्दे पर किसानों के आक्रोश को व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि दो माह पूर्व उप जिलाधिकारी दुद्धी और तहसीलदार ने किसानों को आश्वासन दिया था। तब कहा गया था कि जिन किसानों की जमीन नहर में जाएगी, उन्हें सरकारी दर का चार गुना धनराशि मिलेगी। अब केवल सरकारी दर का पैसा देना न्यायसंगत नहीं है, जिससे किसान काफी नाराज हैं।