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निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मियों ने किया प्रदर्शन

Tue, 29 Mar 2022 06:54 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 29 Mar 2022 06:54 PM IST
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Electricity workers demonstrated against privatization
निजीकरण की नीतियों इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2021 के विरोध में दूसरे दिन मंगलवार को भी बिजली कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निजीकरण का प्रस्ताव वापस लेने की मांग की गई। मांगे पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।
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राबर्ट्सगंज नगर स्थित बिजली कार्यालय पर निजीकरण के लिए जारी किये गए इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2021 और स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट मसौदे को वापस लिए जाने की मांग की गई। विद्युत कर्मचारियों ने निजीकरण की समस्त प्रक्रिया निरस्त करने की मांग की। इस मौके पर अभिषेक, कौशल, अमित गुप्ता, राजेंद्र पांडेय, धर्मेंद्र सिंह, कमलेश बिंद, सत्यप्रकाश, अरविंद मौर्या, सिद्धार्थ मौर्या आदि रहे। वहीं ओबरा में हड़ताल के दूसरे दिन ओबरा परियोजना के ऊर्जा भवन गेट झरियानाला पर विरोध सभा कर निजीकरण के खिलाफ और मांगों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। बिजली कर्मचारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने कहा कि निजीकरण की समस्त प्रक्रिया को निरस्त करते हुए सभी बिजलीकर्मियों के लिए पुरानी पेंशन बहाली लागू की जाए और ऊर्जा निगमों का एकीकरण किया जाए। साथ ही सभी वर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए और पूर्व की भांति सभी संवर्ग को तीन पदोन्नति पद के समयवद्ध वेतनमान दिया जाए।
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बिजली अभियंताओं का आंदोलन जारी
यूपी के बिजली अभियंताओं एवं जूनियर इंजीनियरों का आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा। अभियंताओं ने सीएम योगी से जनता को बेहतर उपभोक्ता सेवा और सुचारु विद्युत आपूर्ति प्रदान करने के लिए सार्थक हस्तक्षेप करने की अपील की है।
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संगठन के पदाधिकारी वीपी सिंह, जीबी पटेल, प्रभात सिंह, जय प्रकाश ने बताया कि बिजली अभियंता और जूनियर इंजीनियर प्रबंधन की समीक्षा बैठकों/वीडियो कांफ्रेंसिंग का बहिष्कार कर रहे हैं। समस्याओं के निस्तारण के लिए सार्थक कार्रवाई न हुई तो सविनय अवज्ञा आंदोलन और प्रबंधन के साथ पूर्ण असहयोग के क्रम में चार से छह अप्रैल को घोषित सामूहिक अवकाश के लिए बाध्य होना पड़ेगा। विरोध सभा में नवीन मिश्रा, अजय प्रताप सिंह, आरजी सिंह, राघवेंद्र पांडे, ब्रिजेश यादव, अजय प्रसाद, कुमार कमलेश, अजय सिंह, प्रभात पांडे, योगेंद्र प्रसाद, प्रदीप कन्नौजिया, उमेश कुमार आदि रहे।
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