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101 गांवों के दुरुस्त की जाएगी बिजली व्यवस्था
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सोनभद्र। जिले के बाढ़ से प्रभावित 101 गांव हो सकते है। जिला प्रशासन प्रभावित होने वाले गावों में तैयारिया शुरू कर दी है। डीएम एस. राजलिंगम ने बिजली विभाग के एक्सईएन को चिन्हित गावों के जर्जर बिजली के तारों और खंभो को अविलंब ठीक कराने के लिए निर्देशित किया है ।
जिले में रूक-रूक कर हो रही बारिश से नदियों में पानी धीरे-धीरे बढना शुरू हो गया है। प्रशासन की ओर से बाढ़ से प्रभावित होने वाले 101 गांव को चिह्नित कर लिया गया है। प्रभावित होने वाले गांवों के राहत कार्य के लिए 19 चौकियां स्थापित की गई हैं। साथ ही बंधी प्रखंड द्वितीय की ओर से हेल्पलाइन भी जारी किया गया है। जिले में छोटी-बड़ी मिलाकर दर्जनों नदियां हैं। इनमें प्रमुख नदियां सोन, कर्मनाशा, बेलन, लउवा, कनहर, विजुल, रेणु आदि हैं। इन नदियों में अत्याधिक बारिश होने पर बाढ़ आ जाती है। इससे आसपास के गांव प्रभावित होते हैं और खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ता है। नदियों केसीमावर्ती इलाकों की फसलें डूब जाती हैं और लोगों के घरों में भी पानी भी भर जाता है। बाढ़ से राबर्ट्र्सगंज तहसील क्षेत्र के 27 गांव, घोरावल के 50 गांव और दुद्धी तहसील के 24 गांव प्रभावित होते हैं। बेलन नदी के विकराल रूप धारण करने से हिंदुआरी, मरकरी, बिच्छी, बुड़हर, ममुआ पालिया, बिठगांव आदि गांव, सोननदी से चोपन, कोटा, कनछ आदि गांव प्रभावित होते हैं। इसी तरह घोरावल में बेलन नदी और सोन नदी में बाढ़ आती है तो 50 गांव प्रभावित होते हैं। बाढ़ से निपटने केलिए प्रशासन ने अभी से तैयारियां तेज कर दी है। बाढ़ से राहत कार्य के लिए 19 चौकियां स्थापित की गई हैं। हेल्पलाइन नंबर 0544422048 भी जारी किया गया है। इस नंबर पर कोई भी व्यक्ति बाढ़ से संबंधित सूचना दे सकता है। वहीं डीएम ने बिजली विभाग के एक्सईएन को बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों के जर्जर, तारों और खंभों को दुरूस्त कराने का निर्देश दिया है। एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि बिजली विभाग को बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों की विद्युत व्यवस्था दुरूस्त करने केलिए निर्देशित कर दिया गया है।
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जिले में रूक-रूक कर हो रही बारिश से नदियों में पानी धीरे-धीरे बढना शुरू हो गया है। प्रशासन की ओर से बाढ़ से प्रभावित होने वाले 101 गांव को चिह्नित कर लिया गया है। प्रभावित होने वाले गांवों के राहत कार्य के लिए 19 चौकियां स्थापित की गई हैं। साथ ही बंधी प्रखंड द्वितीय की ओर से हेल्पलाइन भी जारी किया गया है। जिले में छोटी-बड़ी मिलाकर दर्जनों नदियां हैं। इनमें प्रमुख नदियां सोन, कर्मनाशा, बेलन, लउवा, कनहर, विजुल, रेणु आदि हैं। इन नदियों में अत्याधिक बारिश होने पर बाढ़ आ जाती है। इससे आसपास के गांव प्रभावित होते हैं और खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ता है। नदियों केसीमावर्ती इलाकों की फसलें डूब जाती हैं और लोगों के घरों में भी पानी भी भर जाता है। बाढ़ से राबर्ट्र्सगंज तहसील क्षेत्र के 27 गांव, घोरावल के 50 गांव और दुद्धी तहसील के 24 गांव प्रभावित होते हैं। बेलन नदी के विकराल रूप धारण करने से हिंदुआरी, मरकरी, बिच्छी, बुड़हर, ममुआ पालिया, बिठगांव आदि गांव, सोननदी से चोपन, कोटा, कनछ आदि गांव प्रभावित होते हैं। इसी तरह घोरावल में बेलन नदी और सोन नदी में बाढ़ आती है तो 50 गांव प्रभावित होते हैं। बाढ़ से निपटने केलिए प्रशासन ने अभी से तैयारियां तेज कर दी है। बाढ़ से राहत कार्य के लिए 19 चौकियां स्थापित की गई हैं। हेल्पलाइन नंबर 0544422048 भी जारी किया गया है। इस नंबर पर कोई भी व्यक्ति बाढ़ से संबंधित सूचना दे सकता है। वहीं डीएम ने बिजली विभाग के एक्सईएन को बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों के जर्जर, तारों और खंभों को दुरूस्त कराने का निर्देश दिया है। एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि बिजली विभाग को बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों की विद्युत व्यवस्था दुरूस्त करने केलिए निर्देशित कर दिया गया है।
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