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अनपरा की पहली और तीसरी इकाई से बिजली उत्पादन शुरू, सातवीं को किया गया लाइटअप
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तकनीकी कारणों से बंद अनपरा परियोजना की पहली व तीसरी इकाई को सोमवार देर रात उत्पादनरत कर लिया गया। वहीं लंबे समय से अभियंताओं के लिए चुनौती बनी सातवीं इकाई को भी लाइटअप कर सिंक्रोनाइज करने की तैयारी की जा रही है। मंगलवार रात से इस इकाई से भी उत्पादन प्रारंभ होने की संभावना है।
ब्वायलर ट्यूब लीकेज के कारण तीन इकाईयों के बंद हो जाने से अनपरा परियोजना सहित निगम का उत्पादन भी लुढ़क गया था। परियोजना के सीजीएम इं. आरसी श्रीवास्तव ने बताया कि अभियंताओं ने निर्धारित समय सीमा में इकाई का अनुरक्षण पूर्ण कर लाइटअप किया। आवश्यक टेस्टिंग के बाद 210 मेगावाट क्षमता वाली पहली व तीसरी इकाई को सोमवार रात में क्रमश: 11:45 व 2:37 बजे लोड पर ले लिया गया। मंगलवार सुबह तक दोनों इकाईयों से पूर्ण क्षमता से उत्पादन प्रारंभ हो गया था। इसी क्रम में 500 मेगावाट की सातवीं इकाई को भी मंगलवार दोपहर 2:08 बजे लाइटअप कर लिया गया है। देर रात तक इस इकाई को लोड पर लाने की कवायद की जा रही है। इस इकाई से उत्पादन शुरू होते ही परियोजना की सभी सात इकाईयों से बिजली मिलने लगेगी।
मांग घटी तो शुरू हुई थर्मल बैकिंग
मंगलवार सुबह लगातार तीसरे दिन प्रदेश में बिजली की मांग 20 हजार मेगावाट से अधिक रही। हालांकि दोपहर बाद से मांग में उतरोत्तर कमी का सिलसिला प्रारंभ हो गया। शाम पांच बजे तो बिजली की मांग 12 हजार मेगावाट पर आ गई। इससे सिस्टम कंट्रोल के निर्देश पर परियोजनाओं से भारी थर्मल बैकिंग प्रारंभ कर दी गई। मंगलवार शाम को अनपरा ए से 340, बी से 570, सी लैंको से 308 तथा डी परियोजना से 417 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा रहा था।
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ब्वायलर ट्यूब लीकेज के कारण तीन इकाईयों के बंद हो जाने से अनपरा परियोजना सहित निगम का उत्पादन भी लुढ़क गया था। परियोजना के सीजीएम इं. आरसी श्रीवास्तव ने बताया कि अभियंताओं ने निर्धारित समय सीमा में इकाई का अनुरक्षण पूर्ण कर लाइटअप किया। आवश्यक टेस्टिंग के बाद 210 मेगावाट क्षमता वाली पहली व तीसरी इकाई को सोमवार रात में क्रमश: 11:45 व 2:37 बजे लोड पर ले लिया गया। मंगलवार सुबह तक दोनों इकाईयों से पूर्ण क्षमता से उत्पादन प्रारंभ हो गया था। इसी क्रम में 500 मेगावाट की सातवीं इकाई को भी मंगलवार दोपहर 2:08 बजे लाइटअप कर लिया गया है। देर रात तक इस इकाई को लोड पर लाने की कवायद की जा रही है। इस इकाई से उत्पादन शुरू होते ही परियोजना की सभी सात इकाईयों से बिजली मिलने लगेगी।
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मांग घटी तो शुरू हुई थर्मल बैकिंग
मंगलवार सुबह लगातार तीसरे दिन प्रदेश में बिजली की मांग 20 हजार मेगावाट से अधिक रही। हालांकि दोपहर बाद से मांग में उतरोत्तर कमी का सिलसिला प्रारंभ हो गया। शाम पांच बजे तो बिजली की मांग 12 हजार मेगावाट पर आ गई। इससे सिस्टम कंट्रोल के निर्देश पर परियोजनाओं से भारी थर्मल बैकिंग प्रारंभ कर दी गई। मंगलवार शाम को अनपरा ए से 340, बी से 570, सी लैंको से 308 तथा डी परियोजना से 417 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा रहा था।
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