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कंपनी गेट पर विस्थापितों का प्रदर्शन
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एनसीएल कृष्णशिला कोयला परियोजना में ओबी हटाने का कार्य रही आउटसोर्सिंग कंपनी के आफिस पर शनिवार इलाके के विस्थापितों ने रोजगार को लेकर प्रदर्शन किया। नाराज ग्रामीणों का कहना था आश्वासन के बाद भी कंपनी प्रबंधन रोजगार देने के लिए आगे नहीं आई। ऐसे में ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
निजी कंपनी एसए यादव में रोजगार न मिलने से नाराज कोहरौल व कोहरौलिया गांव के विस्थापित व कोल परियोजना प्रभावित व्यक्ति शनिवार दोपहर कंपनी के मुख्य गेट पर जमा हो गए। नाराज ग्रामीणों ने नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। कहा कि बीते दिनों रोजगार के मसले पर बीना पुलिस चौकी में हुई त्रिपक्षीय बैठक में तय किया गया था कि कंपनी में दोनों गांव के 15 हेल्पर, 10 टेक्निकल व आपरेटर सहित कुल 25 विस्थापित और प्रभावित लोगों को समायोजित किया जाएगा। आश्वासन के काफी समय बाद भी भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। कोहरौलिया प्रधान प्रतिनिधि चंदन कुमार के कहा कंपनी के अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। पंहुच वालों की भर्ती चल रही है लेकिन विस्थापित और प्रभावित लोगों को लिखित आश्वासन के बाद भी रोजगार के लिए दौड़ाया जा रहा है। प्रदर्शन से कंपनी का कार्य काफी देर तक बाधित रहा। कंपनी प्रबंधन की सूचना पर पंहुची पुलिस ने परियोजना के सुरक्षा कर्मचारियों की मौजूदगी में नियम कानून का हवाला देते हुए उन्हें मुख्य गेट से हटाया। पुलिस का कहना था कि बिना अनुमति के विरोध प्रदर्शन नहीं होने दिया जाएगा।
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निजी कंपनी एसए यादव में रोजगार न मिलने से नाराज कोहरौल व कोहरौलिया गांव के विस्थापित व कोल परियोजना प्रभावित व्यक्ति शनिवार दोपहर कंपनी के मुख्य गेट पर जमा हो गए। नाराज ग्रामीणों ने नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। कहा कि बीते दिनों रोजगार के मसले पर बीना पुलिस चौकी में हुई त्रिपक्षीय बैठक में तय किया गया था कि कंपनी में दोनों गांव के 15 हेल्पर, 10 टेक्निकल व आपरेटर सहित कुल 25 विस्थापित और प्रभावित लोगों को समायोजित किया जाएगा। आश्वासन के काफी समय बाद भी भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। कोहरौलिया प्रधान प्रतिनिधि चंदन कुमार के कहा कंपनी के अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। पंहुच वालों की भर्ती चल रही है लेकिन विस्थापित और प्रभावित लोगों को लिखित आश्वासन के बाद भी रोजगार के लिए दौड़ाया जा रहा है। प्रदर्शन से कंपनी का कार्य काफी देर तक बाधित रहा। कंपनी प्रबंधन की सूचना पर पंहुची पुलिस ने परियोजना के सुरक्षा कर्मचारियों की मौजूदगी में नियम कानून का हवाला देते हुए उन्हें मुख्य गेट से हटाया। पुलिस का कहना था कि बिना अनुमति के विरोध प्रदर्शन नहीं होने दिया जाएगा।
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