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Sonebhadra News: छूटे हुए परिवारों को मुआवजा दिलाने की मांग
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सोनभद्र। कनहर सिचाईं परियोजना के डूब क्षेत्र के लोगों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर 19 सूत्री ज्ञापन सौंपा। छूटे हुए परिवारों को मुआवजा दिलाने की मांग की। विधायक को भी ज्ञापन देते हुए समस्या के समाधान की गुहार लगाई। विधायक ने इस मामले को सीएम के समक्ष रखने का आश्वासन दिया।
डूब क्षेत्र के कोरची ग्राम प्रधान रामलाल के नेतृत्व में पूर्व प्रधान गंभीरा प्रसाद व अन्य ग्रामीणों ने कहा कि 1976 के दौरान भूमि का मुआवजा मिला। उस वक्त नहर के किनारे पांच एकड़ जमीन देने का आश्वासन मिला था। किन्हीं कारणों से परियोजना का निर्माण कार्य लंबित हो गया। वर्ष 2014 में तत्कालीन सरकार की ओर से तीन पीढि़यों का मुआवजा दिया गया। उस दौरान 1810 लोगो को ही चिन्हित कर मुआवजा देने की घोषणा हुई थी, जबकि दोबारा सर्वे कराया गया तो संख्या बढ़कर चार हजार से ऊपर हो गई। अभी भी सैकड़ों छूटे हुए विस्थापित परिवार को मुवावजे से वंचित रखा गया है। मुआवजा दिए बगैर उन्हें डूब क्षेत्र खाली करने का दबाव दिया जा रहा है। मांग किया कि छूटे हुए विस्थापितों को सूचीबद्ध कर एकमुश्त मुआवजा दिया जाए। डूब क्षेत्र के टापू जैसे क्षेत्रों में निवास करने वाले लोगों को सूचीबद्ध कर विस्थापन सूची के आधार पर प्रतिकर दिया जाए। विस्थापित गांव में नया डूब गांव का सर्वेक्षण कराकर प्रतिकर दिया जाए। साथ ही जिनके पास कोई साक्ष्य नहीं इनका भी सर्वे कराकर मुआवजा दिया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में शिव प्रकाश, श्याम, फिरोज खान, अशरफी, उदय राज, त्रिभुवन, अशोक, रामप्यारे, जगत आदि शामिल रहे।
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डूब क्षेत्र के कोरची ग्राम प्रधान रामलाल के नेतृत्व में पूर्व प्रधान गंभीरा प्रसाद व अन्य ग्रामीणों ने कहा कि 1976 के दौरान भूमि का मुआवजा मिला। उस वक्त नहर के किनारे पांच एकड़ जमीन देने का आश्वासन मिला था। किन्हीं कारणों से परियोजना का निर्माण कार्य लंबित हो गया। वर्ष 2014 में तत्कालीन सरकार की ओर से तीन पीढि़यों का मुआवजा दिया गया। उस दौरान 1810 लोगो को ही चिन्हित कर मुआवजा देने की घोषणा हुई थी, जबकि दोबारा सर्वे कराया गया तो संख्या बढ़कर चार हजार से ऊपर हो गई। अभी भी सैकड़ों छूटे हुए विस्थापित परिवार को मुवावजे से वंचित रखा गया है। मुआवजा दिए बगैर उन्हें डूब क्षेत्र खाली करने का दबाव दिया जा रहा है। मांग किया कि छूटे हुए विस्थापितों को सूचीबद्ध कर एकमुश्त मुआवजा दिया जाए। डूब क्षेत्र के टापू जैसे क्षेत्रों में निवास करने वाले लोगों को सूचीबद्ध कर विस्थापन सूची के आधार पर प्रतिकर दिया जाए। विस्थापित गांव में नया डूब गांव का सर्वेक्षण कराकर प्रतिकर दिया जाए। साथ ही जिनके पास कोई साक्ष्य नहीं इनका भी सर्वे कराकर मुआवजा दिया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में शिव प्रकाश, श्याम, फिरोज खान, अशरफी, उदय राज, त्रिभुवन, अशोक, रामप्यारे, जगत आदि शामिल रहे।
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