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Sonebhadra News: रिहंद बांध के किनारे मिला घड़ियाल का शव
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रेणुकूट (सोनभद्र)। पिपरी स्थित रिहंद बांध के रिजर्व वायर एरिया में बुधवार को एक घड़ियाल का शव मिला। सूचना पर पहुंचे वन विभाग कर्मियों ने घड़ियाल के शव को कब्जे में लिया। तीन पशु चिकित्सकों के पैनल ने मृत घड़ियाल का पोस्टमार्टम किया।
पिपरी वन रेंजर राघवेंद्र कुमार ने बताया कि रिहंद बांध के डोंगिया चौपाटी में बोट का संचालन करने वाले सोन एडवेंचर के कार्यकर्ताओं ने डोंगिया चौपाटी से दो से तीन किमी की दूरी पर एक घड़ियाल का शव होने की सूचना दी। शव लगभग 5 से 6 दिन पुराना है। श्रेणी वन का जानवर होने की वजह से मृत घड़ियाल का तीन पशु चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया।
पिपरी पशु चिकित्साधिकारी डॉ. मनीष कुमार मौर्य के नेतृत्व में म्योरपुर पशु चिकित्सालय के प्रभारी डॉ. राहुल राजन व डिबुलगंज पशु चिकित्सालय के प्रभारी डॉ. विकास बाबू ने पोस्टमार्टम किया। पिपरी रेंजर राघवेंद्र कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया घड़ियाल की मौत प्राकृतिक है। वृद्ध होना घड़ियाल की मौत को कारण माना जा रहा है। पोस्टमार्टम के बाद मृत घड़ियाल के शव को पानी के किनारे जंगल में ले जाकर जला दिया गया।
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पिपरी वन रेंजर राघवेंद्र कुमार ने बताया कि रिहंद बांध के डोंगिया चौपाटी में बोट का संचालन करने वाले सोन एडवेंचर के कार्यकर्ताओं ने डोंगिया चौपाटी से दो से तीन किमी की दूरी पर एक घड़ियाल का शव होने की सूचना दी। शव लगभग 5 से 6 दिन पुराना है। श्रेणी वन का जानवर होने की वजह से मृत घड़ियाल का तीन पशु चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया।
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पिपरी पशु चिकित्साधिकारी डॉ. मनीष कुमार मौर्य के नेतृत्व में म्योरपुर पशु चिकित्सालय के प्रभारी डॉ. राहुल राजन व डिबुलगंज पशु चिकित्सालय के प्रभारी डॉ. विकास बाबू ने पोस्टमार्टम किया। पिपरी रेंजर राघवेंद्र कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया घड़ियाल की मौत प्राकृतिक है। वृद्ध होना घड़ियाल की मौत को कारण माना जा रहा है। पोस्टमार्टम के बाद मृत घड़ियाल के शव को पानी के किनारे जंगल में ले जाकर जला दिया गया।
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